Chakradharpur: जन-भागीदारी “सबसे दूर, सबसे पहले” अभियान के तहत मंगलवार को बंदगांव प्रखंड के सुदूर चम्पाबा पंचायत परिसर में एक दिवसीय पंचायत स्तरीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया. शिविर का विधिवत उद्घाटन प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी भीषम कुमार, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील बड़ाईक एवं स्थानीय मुखिया कानू तैसुन ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया. इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए प्रखंड विकास पदाधिकारी भीषम कुमार ने कहा, कि सरकार की इस विशेष मुहिम का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक आवश्यक और बुनियादी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है. उन्होंने सुदूर क्षेत्र के ग्रामीणों से अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा प्रशासन द्वारा आयोजित ऐसे शिविरों का बढ़-चढ़कर लाभ उठाने की अपील की.

ओझा-गुनी या झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें- डॉ. सुनील बड़ाईक
प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सुनील बड़ाईक ने स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता पर बल देते हुए कहा, कि बेहतर और स्वस्थ जीवन के लिए समय-समय पर जांच कराना अनिवार्य है. उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में फैले अंधविश्वास पर प्रहार करते हुए कहा, कि लोग बीमारी की स्थिति में ओझा-गुनी या झाड़-फूंक के चक्कर में न पड़ें. किसी भी प्रकार की शारीरिक समस्या होने पर सीधे योग्य डॉक्टरों से सलाह लें और समय पर इलाज शुरू कराएं.
मुखिया ने प्रखंड प्रशासन और स्वास्थ्य टीम का किया धन्यवाद
वहीं मुखिया कानू तैसुन ने कहा, कि हमारे पंचायत के सुदूर और ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए यह शिविर बेहद मददगार साबित हुआ है. जो लोग दूरी या पैसों के अभाव में बड़े अस्पतालों तक नहीं जा पाते थे, उन्हें आज उनके घर के पास ही विशेषज्ञ डॉक्टरों की देखरेख और दवाइयां नसीब हुई है. उन्होंने कहा, कि “मैं इस पहल के लिए प्रखंड प्रशासन और स्वास्थ्य टीम का धन्यवाद करता हूं और ग्रामीणों से अपील करता हूं, कि वे अंधविश्वास छोड़कर सरकारी अस्पतालों की मुफ्त सुविधाओं का लाभ उठाएं.
सैकड़ों ग्रामीणों की नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच की गई
शिविर में आए सैकड़ों ग्रामीणों के स्वास्थ्य की नि:शुल्क जांच की गई. डॉक्टरों द्वारा उचित परामर्श दिया गया और मौके पर ही आवश्यक दवाइयां मुफ्त में वितरित की गईं. आईईसी/बीसीसी (द्वारा विभिन्न मौसमी व गंभीर बीमारियों की रोकथाम, उनके प्रबंधन और समय पर जांच के महत्व को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया. शिविर को सफल बनाने में डॉक्टरों के साथ-साथ सीएचओ एएनएम, एमपीडब्ल्यू, आयुष्मान कर्मी, एसटीएस और सिनी मलेरिया ब्लॉक कोऑर्डिनेटर ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
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