Ranchi: बकाया राशि के भुगतान और बिल पास कराने के लिए घुस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार हुई महिला पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो को बड़ा झटका लगा है. झारखंड हाईकोर्ट ने किरण कुसुम को बेल देने से इंकार करते हुए उसकी जमानत याचिका खारिज कर दी है.

हाईकोर्ट में हुई सुनवाई, जमानत याचिका खारिज
झारखंड हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टीस अनुभा रावत चौधरी की बेंच में किरण कुसुम की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई. सुनवाई के दौरान एसीबी और बचाव पक्ष की बहस और दलीलें सुनने के बाद हाईकोर्ट ने किरण कुसुम की जमानत याचिका खारिज कर दी.
किरण कुसुम के विरुद्ध एसीबी ने पिछले दिनों चार्जशीट भी दाखिल कर दी है. एसीबी की ओर से दाखिल चार्जशीट में पूरी घटना का क्रमवार जिक्र किया गया है. इसके साथ ही एजेंसी ने अपनी चार्जशीट में कई खुलासे भी किये हैं और पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो पर लगे आरोपों को प्रमाणित करने के लिए कई सबूत भी पेश किये हैं.
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12 मार्च को गुमला से हुई थी गिरफ्तारी
चार्जशीट दायर होने के बाद कोर्ट ने अभियोजन स्वीकृति की प्रतीक्षा में अगली सुनवाई के लिए 21 मई की तिथि निर्धारित की है. ACB ने किरन कुसुम खलखो को 12 मार्च को गुमला जिले से गिरफ्तार किया था. उसकी पोस्टिंग बिशुनपुर प्रखंड के सेरका पंचायत में थी. जहाँ उसपर 8,000 रुपए रिश्वत लेने का आरोप लगा था जिसके बाद ACB ने उसे गिरफ्तार किया था.
