Palamu: झारखड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के आह्वान पर पलामू सहित पूरे राज्य में मनरेगा कर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल आज 70वें दिन भी जारी रही. सेवा शर्तों में सुधार और अधिकारों को लेकर राज्यभर के मनरेगा कर्मी जिलों में धरना-प्रदर्शन कर आंदोलन पर डटे हुए हैं. संघ की मुख्य मांगों में मनरेगा कर्मियों को ग्रेड-पे आधारित सम्मानजनक मानदेय संरचना का लाभ देना, सेवा का स्थायी समायोजन करना तथा भविष्य के लिए सामाजिक सुरक्षा की ठोस व्यवस्था सुनिश्चित करना शामिल है. आंदोलनकारियों का कहना है कि वे वर्षों से ग्रामीण विकास की रीढ़ मानी जाने वाली महत्वपूर्ण योजनाओं को धरातल पर सफल बनाने में अपना अमूल्य योगदान दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद अबतक उन्हें उचित सेवा सुरक्षा और सम्मानजनक मानदेय व्यवस्था का लाभ नहीं मिल सका है.

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गतिरोध समाप्त करने की मांग
लंबे समय से आ रहे गतिरोध को समाप्त करने के लिए विभागीय स्तर पर अबतक दो दौर की बातचीत हो चुकी है. इस दौरान कर्मियों की विभिन्न मांगों पर विस्तार से चर्चा तो हुई, लेकिन शासन स्तर से अभी तक किसी भी विषय पर कोई स्पष्ट, ठोस और लिखित सहमति नहीं बन पाई है. झारखंड राज्य मनरेगा कर्मचारी संघ के पलामू जिला अध्यक्ष पंकज सिंह ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी जायज मांगों पर सरकार सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक यह आंदोलन और कार्य बहिष्कार जारी रहेगा. पलामू जिला कमेटी ने राज्य के सभी मनरेगा कर्मियों से इस निर्णायक मोड़ पर एकजुट रहने और आंदोलन को और अधिक मजबूती प्रदान करने की अपील की है. इसके साथ ही संघ ने उम्मीद जताई है कि राज्य सरकार मनरेगा कर्मियों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए उनकी मांगों की गंभीरता को समझेगी और शीघ्र ही कोई सकारात्मक पहल कर इस गतिरोध को समाप्त करेगी.
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