टाटीझरिया में जंगल पर जेसीबी का हमला! 5 एकड़ वनभूमि उजाड़ने का आरोप, रिश्वतखोरी के दावे से मचा हड़कंप

Hazaribagh: टाटीझरिया प्रखंड अंतर्गत बेडम पंचायत के हेसाकोचा-भेडीबार जंगल में वनभूमि पर कब्जा और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का मामला सामने आने...

Hazaribagh: टाटीझरिया प्रखंड अंतर्गत बेडम पंचायत के हेसाकोचा-भेडीबार जंगल में वनभूमि पर कब्जा और पेड़ों की अंधाधुंध कटाई का मामला सामने आने के बाद इलाके में भारी आक्रोश है. आरोप है कि भू-माफियाओं ने वन विभाग की कथित मिलीभगत से करीब पांच एकड़ से अधिक वनभूमि को उजाड़ दिया. सखुआ समेत सैकड़ों हरे-भरे पेड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी गई और जेसीबी मशीन लगाकर जंगल की जमीन को समतल कर खेत एवं मकान बना लिए गए. ग्रामीणों का कहना है कि जंगल की कटाई लगातार जारी है, लेकिन वन विभाग सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सीमित नजर आ रहा है.

ग्रामीणों की आपात बैठक में फूटा गुस्सा

मामले की गंभीरता को देखते हुए बड़ी संख्या में ग्रामीण हेसाकोचा-भेडीबार जंगल पहुंचे. वहां बेडम पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि बिनोद हेंब्रम और पंचायत समिति सदस्य प्रतिनिधि नरेश हेंब्रम की मौजूदगी में आपात बैठक आयोजित की गई.

बैठक में ग्रामीणों ने वनभूमि पर कब्जा, पेड़ों की कटाई और प्रशासनिक निष्क्रियता पर जमकर नाराजगी जताई. ग्रामीणों ने कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पूरा जंगल खत्म हो जाएगा.

“कालीराम मरांडी और परिजनों ने काटा जंगल”

बैठक के दौरान ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि चोंचा निवासी कालीराम मरांडी और उनके परिजनों द्वारा हेसाकोचा-भेडीबार नदी तटीय क्षेत्र के जंगल को बड़े पैमाने पर काटा गया है.

आरोप है कि वनभूमि को खेती योग्य बनाने के लिए जेसीबी मशीन से समतलीकरण कराया गया. ग्रामीणों का कहना है कि जंगल को साफ कर कब्जे की मंशा से वहां खेती और निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है.

रिश्वत के आरोप से मचा हड़कंप

बैठक के दौरान उस समय माहौल और गरमा गया जब कालीराम मरांडी के परिजनों ने कथित रूप से यह स्वीकार किया कि इस काम के लिए वन विभाग के कर्मियों को 25 हजार रुपये दिए गए थे.

इस खुलासे के बाद ग्रामीणों में भारी नाराजगी फैल गई. लोगों ने आरोप लगाया कि वन विभाग की मिलीभगत के बिना इतने बड़े पैमाने पर जंगल की कटाई संभव नहीं है.

“वन विभाग की चुप्पी से बढ़े भू-माफियाओं के हौसले”

ग्रामीणों ने कहा कि वन विभाग की लापरवाही और चुप्पी के कारण भू-माफियाओं के हौसले बुलंद हैं. खुलेआम जंगल काटे जा रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है.

ग्रामीणों ने वन विभाग के वरीय अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर दोषियों पर कठोर कार्रवाई करने, रिश्वत के आरोपों की जांच कराने और अतिक्रमित वनभूमि को मुक्त कराने की मांग की है.

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वनाधिकारी बोले- मामला दर्ज, होगी सख्त कार्रवाई

मामले पर वनाधिकारी शैलेश पांडेय ने कहा कि पूरा मामला विभाग के संज्ञान में है. इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है और कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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