Hazaribagh: जिले के ईचाक थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थ के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है. 20 एवं 21 मई को चलाए गए विशेष अभियान में पुलिस ने ग्राम लोटवा जंगल से ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री करने वाले गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपियों के पास से 52 ग्राम ब्राउन शुगर और छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं.

एसपी के निर्देश पर बनी थी एसआईटी
पुलिस अधीक्षक हजारीबाग के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थ के कारोबार में संलिप्त सिंडिकेट का खुलासा करने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में विशेष एसआईटी टीम का गठन किया गया था. टीम को लगातार सूचना मिल रही थी, कि ईचाक क्षेत्र में ब्राउन शुगर का संगठित नेटवर्क सक्रिय है.
लोटवा जंगल में हो रही थी डील, पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ा
सूचना मिली थी कि राहुल मेहता, दीपक मेहता, विशाल कुमार, अमित कुमार और मुकेश कुमार लोटवा जंगल जाने वाले रास्ते में ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री की योजना बना रहे हैं. इसके बाद एसआईटी टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जंगल क्षेत्र में छापेमारी की और पांचों आरोपियों को रंगे हाथ पकड़ लिया. पुलिस द्वारा बरामद पदार्थ की डीडी किट से जांच की गई, जिसमें उसके ब्राउन शुगर होने की पुष्टि हुई. बरामद मादक पदार्थ को जब्त कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया.
ईचाक से बरही और हजारीबाग तक फैला था नेटवर्क
पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार तस्करों का नेटवर्क सिर्फ ईचाक तक सीमित नहीं था, बल्कि पदमा, बरही और हजारीबाग शहर तक फैला हुआ था. आरोपियों द्वारा चतरा जिले के सप्लायरों से 1400 रुपये प्रति ग्राम की दर से ब्राउन शुगर खरीदी जाती थी, जिसे 1500 से 1600 रुपये में सहयोगियों को और अंततः 2200 से 2400 रुपये प्रति ग्राम में स्थानीय स्तर पर बेचा जाता था.
व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए चलता था कारोबार
लिस के अनुसार, गिरोह के सदस्यों ने आपसी संपर्क और सौदेबाजी के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बना रखा था. चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में कोई भी ब्राउन शुगर का सेवन करने का आदी नहीं है. सभी केवल सप्लायर और कारोबारी के रूप में काम कर रहे थे. अब पुलिस इनके अवैध कमाई के स्रोतों और संपत्ति की भी जांच कर रही है.
कई पुराने मामलों में भी नामजद हैं आरोपी
मुख्य सरगना राहुल कुमार उर्फ राहुल मेहता पर पहले से एनडीपीएस एक्ट, शस्त्र अधिनियम, चोरी, दंगा और अन्य गंभीर मामलों के करीब 19 आपराधिक मामले दर्ज हैं. वहीं दीपक कुमार पर भी एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं. इससे पहले भी राहुल मेहता के कई सहयोगियों को ईचाक थाना के अलग-अलग मामलों में गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है.
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