Hazaribagh: जिले में सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ी पहल शुरू कर दी है. समाहरणालय सभागार में आयोजित आपूर्ति विभाग की समीक्षा बैठक में उपायुक्त हेमन्त सती ने राशन व्यवस्था की गहन समीक्षा करते हुए डिलीशन और ई-केवाईसी कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया. उन्होंने स्पष्ट कहा कि अपात्र लाभुकों को हटाकर वास्तविक जरूरतमंदों तक खाद्यान्न पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है.

14.58 लाख लाभुक, 200 रिक्तियों को भरने की प्रक्रिया जारी
बैठक में जिला आपूर्ति पदाधिकारी मुरली यादव ने जानकारी दी, कि जिले में लगभग 14 लाख 58 हजार राशन कार्ड लाभुक हैं. इनमें अंत्योदय, हरा और पीला राशन कार्डधारी शामिल हैं. वर्तमान में लगभग 200 रिक्तियां हैं, जिनमें पात्र लाभुकों और सदस्यों को जोड़ने की प्रक्रिया जारी है. उपायुक्त ने निर्देश दिया कि डिलीशन कार्य पूरी गंभीरता और पारदर्शिता के साथ किया जाए, ताकि जो लोग पात्र नहीं हैं उनका नाम सूची से हटाया जा सके और वास्तविक गरीब परिवारों को लाभ मिल सके.
ई-केवाईसी को बताया सबसे जरूरी प्रक्रिया
बैठक में उपायुक्त ने ई-केवाईसी को राशन व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी बताते हुए कहा कि सभी लाभुकों का ई-केवाईसी जल्द पूरा कराया जाए. इससे वास्तविक लाभुकों की पहचान सुनिश्चित होगी और फर्जी या अपात्र लोगों को चिन्हित कर हटाने में मदद मिलेगी. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गांव-गांव तक अभियान चलाकर लोगों को ई-केवाईसी के लिए प्रेरित किया जाए.
गोदामों की सुरक्षा और निगरानी पर विशेष जोर
बैठक में जिले के खाद्यान्न गोदामों की स्थिति की भी समीक्षा की गई. अधिकारियों ने बताया कि जिले में 2 एफसीआई और 14 जेएसएफसी गोदाम संचालित हैं. उपायुक्त ने सभी गोदामों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने का निर्देश देते हुए कहा, कि खाद्यान्नों की सुरक्षा में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने गोदामों में बिजली व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरे, चूहों से बचाव के लिए रसायनों का उपयोग तथा छतों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा.
हर महीने होगा गोदाम सत्यापन
उपायुक्त ने गोदामों की क्षमता और स्टॉक की समीक्षा करते हुए प्रत्येक माह गोदाम सत्यापन कराने का निर्देश दिया. साथ ही आगत-निर्गत पंजी के नियमित संधारण और जांच करने को कहा. उन्होंने सभी सप्लाई ऑफिसरों को सोमवार से शनिवार तक गोदाम निरीक्षण करने, स्टॉक और शॉर्टेज की जांच करने तथा अभिलेखों का सत्यापन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया. प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को भी अपने क्षेत्र के गोदामों का स्टॉक पंजी से मिलान कर निरीक्षण करने को कहा गया.
केरेडारी में बनेगा 1000 एमटी क्षमता का नया गोदाम
बैठक में केरेडारी प्रखंड परिसर में 1000 एमटी क्षमता वाले नए गोदाम के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई. उपायुक्त ने इसके लिए उपयुक्त स्थल चयन करने का निर्देश दिया, ताकि भविष्य में खाद्यान्न भंडारण क्षमता को और मजबूत किया जा सके.
अब राशन ढुलाई पर रहेगी GPS से नजर
डोर स्टेप डिलीवरी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उपायुक्त ने बड़ा फैसला लेते हुए कहा कि खाद्यान्न परिवहन में लगे सभी वाहनों में अगले सप्ताह तक जीपीएस सिस्टम लगाया जाए. उन्होंने निर्देश दिया कि जीपीएस फीड जिला आपूर्ति कार्यालय और उपायुक्त कक्ष में भी मॉनिटरिंग के लिए उपलब्ध रहे, ताकि वाहनों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके और अनियमितताओं पर रोक लगे.
बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को मिलेगा सम्मान
उपायुक्त ने कहा कि डिलीशन कार्य में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों को सम्मानित किया जाएगा. प्रशासन का उद्देश्य सिर्फ निगरानी बढ़ाना नहीं, बल्कि बेहतर काम करने वाले अधिकारियों को प्रोत्साहित करना भी है. बैठक में अपर समाहर्ता संतोष कुमार, सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय, जिला आपूर्ति पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी मौजूद थे.
यह भी पढ़ें: सिमडेगा समाहरणालय में घूस लेते हुए कर्मी गिरफ्तार, एसीबी की कार्रवाई से मचा हड़कंप
