बोकारो थर्मल डीवीसी अस्पताल में डाॅक्टर द्वारा इलाज में देरी का आरोप, मरीज की मौत के बाद परिजनों का हंगामा

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी अस्पताल में बुधवार की रात्रि इलाज में लापरवाही और देरी के कारण 58 वर्षीय...

Bokaro Thermal DVC Hospital
हाॅस्पिटल में डयूटी डाॅ. के साथ हंगामा करते परिजन एवं मृतक

Bermo: बेरमो अनुमंडल के बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी अस्पताल में बुधवार की रात्रि इलाज में लापरवाही और देरी के कारण 58 वर्षीय लायंस क्लब के पूर्व कोषाध्यक्ष तथा बेरमो अनुमंडल पासवान चेतना मंच के सदस्य एवं पोस्टल अभिकर्ता संजय पासवान की मौत हो गई. मरीज की मौत की खबर फैलते ही मृतक के परिजनों और स्थानीय सैकड़ों ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया. आक्रोशित लोगों ने ड्यूटी पर तैनात डॉ. आरआर एक्का और नर्स पार्वती पर गंभीर आरोप लगाते हुए अस्पताल की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया.

डाॅ. के आने में विलंब के कारण मरीज की गई जान

परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, संजय पासवान को मंगलवार रात लगभग साढे़ ग्यारह बजे अचानक उल्टी और पेट में तेज दर्द की शिकायत होने पर डीवीसी अस्पताल लाया गया था. परिजनों का आरोप है कि आपातकालीन स्थिति होने के बावजूद ड्यूटी पर मौजूद डॉ. इनडोर में रहने की बजाय हाॅस्पिटल स्थित अपने रेस्ट रूम में थी और बार-बार बुलाने के बाद भी केबिन से बीस मिनट बाद मरीज को देखने आईं. इस दौरान डयूटी पर मौजूद नर्स को भी डाॅ. को बुलाने के लिए कहा गया, तो उन्होंने भी मरीजों के साथ गलत व्यवहार किया. डाॅ. के आने में विलंब के कारण मरीज ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया. परिजनों का कहना था कि अगर डयूटी डॉ. ने समय पर इलाज शुरू कर दिया होता, तो संजय पासवान की जान बचाई जा सकती थी. बाद में हंगामे के दौरान लोगों ने वहां मौजूद नर्स पार्वती कुमारी द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग करने और दुर्व्यवहार करने का आरोप लगाया, जिससे स्थानीय लोग और परिजन ज्यादा उग्र हो गए और तोड़फोड़ भी की.

मौके पर थाना पदाधिकारी ने पहुंचकर आक्रोशित लोगों को शांत कराया

ग्रामीणों ने अस्पताल की बदहाली पर बात करते हुए कहा, कि इस डीवीसी अस्पताल में न तो पर्याप्त चिकित्सा सुविधाएं हैं और न ही आपातकालीन स्थितियों से निपटने के उचित इंतजाम. बाद में अस्पताल में बढ़ते हंगामे और तनाव की सूचना बोकारो थर्मल थाना पुलिस, होमगार्ड के जवान और सीआईएसएफ को दी गई. सुचना पाकर सभी हाॅस्पिटल पहुंचें. डीजीएम हेल्थ डाॅ. संगीता रानी भी पहुंची. सुरक्षा बलों और थाना के पदाधिकारी ने आक्रोशित लोगों को काफी समझा-बुझाकर मामले को शांत कराया. हाॅस्पिटल प्रबंधन ने परिजनों को आश्वस्त किया है कि लापरवाही के इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई होगी. मामले को लेकर हाॅस्पिटल के इंचार्ज सह डीजीएम हेल्थ डाॅ. एसके झा से पूछा गया तो उनका कहना था कि वे प्रशिक्षण के लिए बाहर हैं.

डीवीसी का यह स्थानीय अस्पताल अब सिर्फ मरीजों को रेफर करने का केंद्र- गिरिडीह सांसद

इस पूरे घटनाक्रम पर आक्रोश व्यक्त करते हुए गिरिडीह सांसद प्रतिनिधि जितेंद्र यादव ने डीवीसी प्रबंधन एवं हाॅस्पिटल प्रबंधन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि डीवीसी प्रबंधन वर्तमान में अस्पताल की बिल्डिंग को चमकाने और एसी आदि लगाने पर तो लाखों रुपये पानी की तरह बहा रहा है, लेकिन आम जनता के लिए अस्पताल की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था को दुरुस्त करने का कोई सकारात्मक प्रयास नहीं किया जा रहा है. सांसद प्रतिनिधि ने तीखा तंज कसते हुए कहा कि डीवीसी का यह स्थानीय अस्पताल अब सिर्फ मरीजों को रेफर करने का केंद्र बनकर रह गया है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अस्पताल की इस लचर और बदहाल स्वास्थ्य व्यवस्था में जल्द सुधार नहीं किया गया, तो स्थानीय और ग्रामीण जनता को साथ लेकर अस्पताल में तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी अस्पताल और डीवीसी प्रबंधन की होगी. गुरुवार को मृतक का अंतिम संस्कार कोनार नदी घाट पर कर दिया गया. वे अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं.

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