Ranchi: रांची के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में बियर वितरण के नाम पर एक करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है. इस संबंध में राज कुमार पाठक, निदेशक, एम/एस रॉयलसिप ब्रुअरीज डिस्टिलरीज प्राइवेट लिमिटेड की शिकायत पर अरगोड़ा थाना में केस दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.

आरोपियों ने बियर वितरण के लिए वितरक बनाने का दिया था प्रस्ताव
शिकायतकर्ता राज कुमार पाठक ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया, कि अगस्त 2024 में अजय कुमार, कुमार संभव और वृंदा संभव (दोनों निदेशक, एम/एस एक्सोटिक लिकर प्राइवेट लिमिटेड) ने उनसे संपर्क किया. आरोपियों ने ऑस्टेनबर्ग अल्ट्रा प्रीमियम स्ट्रांग बियर ब्रांड के वितरण के लिए वितरक बनाने का प्रस्ताव दिया. उनकी कंपनी भी इसी क्षेत्र में कार्यरत होने के कारण प्रस्ताव पर सहमति बनी और दोनों कंपनियों के बीच रांची स्थित कार्यालय में करार किया गया.
आरोप है कि आरोपियों ने सरकारी अनुमति, निबंधन और व्यवसाय संचालन से जुड़े सभी कार्य कराने का भरोसा दिलाकर 17 सितंबर 2024 से 3 जनवरी 2025 के बीच किस्तों में कुल एक करोड़ रुपये निवेश के नाम पर ले लिए. इसके बाद बार-बार बहाना बनाकर बियर की आपूर्ति टालते रहे.
चेक बैंक में जमा करने पर हो गया अनादृत
बाद में 31 अगस्त 2025 को एक्सोटिक लिकर प्राइवेट लिमिटेड की ओर से एक पत्र भेजकर करार समाप्त करने की सूचना दी गई और बकाया राशि लौटाने का आश्वासन दिया गया. दबाव बनाने पर आरोपियों ने 10-10 लाख रुपये के कुल 10 चेक दिए, लेकिन जब एक चेक 17 मार्च 2026 को बैंक में जमा किया गया तो वह “भुगतान रोक” के कारण अनादृत हो गया.
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि ऑस्टेनबर्ग नामक ब्रांड वास्तव में किसी भी राज्य में स्थापित नहीं है और झारखंड में इसका पंजीकरण भी पहली बार उनकी कंपनी के सहयोग से कराया गया था. आरोपियों ने साजिश के तहत रांची में कार्यालय खोलकर अन्य निवेशकों को भी झांसे में लिया और ठगी का जाल फैलाया. मामले में अजय कुमार, कुमार संभव, वृंदा संभव, देवानी देशमुख और हर्षवर्धन सिंह को आरोपी बनाया गया है. पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है.
