Ranchi:झारखंड के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं और राज्य की सरकारी बिजली वितरण कंपनी के वित्तीय खातों से जुड़ी राहत भरी रिपोर्ट सामने आई है. मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना और सरकारी सब्सिडी के दम पर जहां एक तरफ लाखों गरीब ग्रामीण व शहरी उपभोक्ताओं का पुराना बिजली बिल और उस पर लगा भारी-भरकम सूद (डीपीएस) पूरी तरह साफ हो गया है, वहीं दूसरी तरफ उपभोक्ताओं को दी जाने वाली सब्सिडी के आंकड़ों का भी पूरा लेखा-जोखा सामने आ चुका है.

सब्सिडी का गणित
झारखंड सरकार विभिन्न श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं को सीधे उनके मासिक बिलों में कटौती (डिडक्शन) के जरिए सब्सिडी का लाभ देती है. ताजा वित्तीय रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही (30 जून 2025 को समाप्त) के दौरान बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं के लिए कुल 1,083.07 करोड़ रुपये की भारी-भरकम सब्सिडी बुक की. इसके एवज में राज्य सरकार से कंपनी को 970.31 करोड़ रुपये की राशि प्राप्त भी हो चुकी है. कंपनी के पास पिछले वित्तीय वर्ष की कुछ एडवांस सब्सिडी भी मौजूद है, जिसे नियमों के तहत एडजस्ट किया जा रहा है.
मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना: 3,580 करोड़ के बकाए माफ
राज्य के घरेलू उपभोक्ताओं को बड़ी राहत देते हुए कैबिनेट ने पहले ही मुफ्त बिजली की सीमा को 125 यूनिट से बढ़ाकर 200 यूनिट प्रति माह कर दिया था. लेकिन देखा गया कि इसके बावजूद पुराने बकाए पर लगने वाले लेट फाइन (डीपीएस) के कारण गरीब उपभोक्ताओं पर बोझ बना हुआ था। इसे देखते हुए सरकार ने ‘मुख्यमंत्री ऊर्जा खुशहाली योजना’ के तहत अगस्त 2024 तक का करीब 3,620.09 करोड़ रुपये का पूरा पुराना बकाया माफ करने की मंजूरी दी थी. इस योजना के तहत 31 मार्च 2025 तक उपभोक्ताओं के खातों से 3,580.33 करोड़ रुपये की कर्ज माफी (एडजस्टमेंट) की जा चुकी है. इस घाटे की भरपाई के लिए सरकार दो किश्तों में सब्सिडी दे रही है, जिसमें से अब तक कुल 2,715.09 करोड़ रुपये कंपनी को मिल चुके हैं और बाकी 865.24 करोड़ रुपये जल्द ही मिलने वाले हैं.
प्रीपेड मीटर लगते ही सिक्योरिटी डिपॉजिट से कटीं पुरानी उधारी
रांची और धनबाद के बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक और बड़ा अपडेट है। प्रीपेड स्मार्ट मीटर लगाने के बाद बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं के पुराने सिक्योरिटी डिपॉजिट (सुरक्षा राशि) को उनके पुराने बकाए के साथ एडजस्ट कर दिया है. रांची में 7,020 उपभोक्ताओं के खातों में 343.00 लाख रुपये का तालमेल किया गया. धनबाद में 5,513 उपभोक्ताओं के खातों में 195.70 लाख रुपये एडजस्ट किए गए.इस तरह कुल 12,533 उपभोक्ताओं की 538.70 लाख रुपये की राशि एडजस्ट होने के बाद उनके सिक्योरिटी डिपॉजिट और बकाए, दोनों में कमी आई है. इसके अलावा, उपभोक्ताओं की सुरक्षा राशि पर कंपनी ने इस तिमाही में 38.83 करोड़ रुपये का ब्याज भी दर्ज किया है
इनकम टैक्स और इन्वेंट्री पर भी स्थिति साफ
बिजली कंपनी का असेसमेंट ईयर 2018-19 के टैक्स और जुर्माने (1,025.78 लाख रुपये) को लेकर आयकर विभाग के साथ विवाद चल रहा है, जिसके खिलाफ कंपनी ने कमिशनर ऑफ अपील्स में गुहार लगाई है. वहीं, कंपनी के स्टोर में रखे सामानों (ट्रांसफॉर्मर, तार, खंभे, मीटर आदि) को री-सेल के लिए नहीं, बल्कि पूरी तरह बिजली सप्लाई और मरम्मत कार्यों के लिए सुरक्षित रखा गया है, जिन्हें लागत मूल्य पर ही आंका गया है.
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