Bihar: बिहार के गया, नवादा और वैशाली जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से सामाजिक सुरक्षा पेंशन के तहत लाभुकों के खातों में 1100-1100 रुपये डीबीटी (DBT) के जरिए भेजे गए थे. जब पेंशनधारी राशि निकालने के लिए बैंक और सीएसपी केंद्र पहुंचे तो उनके खाते में करोड़ों और अरबों रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा. इस अप्रत्याशित बैलेंस को देखकर लाभुकों के साथ-साथ बैंक कर्मचारी भी हैरान रह गए.
सीएसपी केंद्र से निकासी के दौरान सामने आई गड़बड़ी की आशंका
तीनों जिलों के मामलों में एक समान बात सामने आई है कि सभी लाभुक सीएसपी (Customer Service Point) केंद्र से पैसे निकालने पहुंचे थे. शुरुआती तौर पर आशंका जताई जा रही है कि तकनीकी गड़बड़ी सीएसपी सिस्टम या आधार आधारित भुगतान प्रक्रिया के दौरान हुई हो सकती है. सीएसपी से पैसे निकालने के लिए बैंक खाता आधार से लिंक होना जरूरी होता है. ऑपरेटर बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद राशि का भुगतान करता है. फिलहाल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि यह तकनीकी खामी कहां हुई.
गया में ई-रिक्शा चालक के खाते में दिखे 759 करोड़ रुपये
गया शहर के ई-रिक्शा चालक शिव कुमार पटेल सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि निकालने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के ग्राहक सेवा केंद्र पहुंचे थे. निकासी के बाद जब मोबाइल पर बैंक मैसेज आया तो उसमें खाते का बैलेंस 759 करोड़ 69 लाख रुपये से अधिक दिखा. शिव कुमार एक साधारण परिवार से हैं और ई-रिक्शा चलाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं. मामले की जानकारी मिलते ही बैंक प्रबंधन ने खाते से सभी लेनदेन पर रोक लगा दी है. बैंक मैनेजर ने सोमवार को विस्तृत जांच कराने की बात कही है.
नवादा में महिला के खाते में पहुंचे 740 करोड़ रुपये, बिगड़ी तबीयत
नवादा जिले की रेखा देवी के खाते में अचानक 740 करोड़ रुपये का बैलेंस दिखाई देने लगा. इतनी बड़ी रकम देखकर वह घबरा गईं और उनकी तबीयत भी बिगड़ गई. रेखा देवी हार्ट पेशेंट हैं. उन्होंने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है. उनके परिवार का कहना है कि इस तरह की तकनीकी गलती आम लोगों के लिए परेशानी का कारण बन सकती है.
वैशाली में दो पेंशनधारियों के खातों में दिखी करोड़ों की राशि
वैशाली जिले के महुआ प्रखंड के चखाजे गांव निवासी चंद्रदीप राय अपनी 1100 रुपये की मासिक पेंशन निकालने उत्तर बिहार ग्रामीण बैंक के सीएसपी केंद्र पहुंचे थे. निकासी के बाद जब सीएसपी संचालक ने खाते का बैलेंस देखा तो उसमें 7 अरब 40 करोड़ 68 लाख 72 हजार 795 रुपये से अधिक की राशि दिखाई दी. यह देखकर सभी लोग हैरान रह गए. इसी जिले के जंदाहा प्रखंड के खोपी गांव निवासी राजन सिंह के खाते में भी 7 करोड़ रुपये से अधिक का बैलेंस दिखाई दिया. इस घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया.
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बैंक और प्रशासन ने शुरू की जांच
वैशाली के बीडीओ ने बताया कि पूरे मामले की जानकारी वरीय अधिकारियों को दे दी गई है. संबंधित बैंक और विभागीय स्तर पर तकनीकी जांच कराई जा रही है. शुरुआती तौर पर इसे तकनीकी गड़बड़ी माना जा रहा है, हालांकि जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक कारण सामने आएगा.
जांच के बाद ही साफ होगी असली वजह
एक ही दिन में बिहार के तीन अलग-अलग जिलों से सामने आए ऐसे मामलों ने बैंकिंग व्यवस्था और सीएसपी सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं. फिलहाल बैंक और प्रशासन पूरे मामले की तकनीकी जांच में जुटे हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि करोड़ों-अरबों रुपये का बैलेंस आखिर सिस्टम में कैसे दिखाई दिया.
