Ranchi: डिजिटल क्रांति और सरकारी सेवाओं को जनता के दरवाजे तक पहुंचाने के मामले में झारखंड ने एक नया इतिहास रच दिया है. नेशनल सर्विस प्लस के ताजा राष्ट्रीय आंकड़ों ने देश के बड़े-बड़े दिग्गजों को चौंका दिया है. जहां एक तरफ विकास की ऊंची-ऊंची बातें करने वाले कई राज्य तकनीकी सुस्ती का शिकार हैं, वहीं झारखंड सुपरफास्ट मोड में बैटिंग कर रहा है. आवेदनों के अंबार और जनता के भरोसे के मामले में झारखंड ने इस राष्ट्रीय सूची में शामिल केरल, महाराष्ट्र और चंडीगढ़ जैसे राज्यों को कोसों पीछे छोड़ दिया है. यह इस बात का सीधा प्रमाण है कि झारखंड की जनता अब सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय घर बैठे एक क्लिक पर डिजिटल गवर्नेंस का सबसे ज्यादा फायदा उठा रही है.

सरकारी विभागों पर जनता का अटूट भरोसा
झारखंड की इस डिजिटल छलांग में सबसे बड़ा इंजन बनकर उभरे हैं राज्य के मुख्य सरकारी विभाग. अगर केवल लाइन डिपार्टमेंट्स की बात करें, तो यहां आवेदनों की संख्या देखकर कोई भी दंग रह सकता है. राज्य में कुल 10,358 आवेदन सिर्फ सरकारी विभागों की विभिन्न सेवाओं के लिए आए हैं. इन विभागों के जरिए राज्य सरकार को कुल 1,84,020 रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ है. झारखंड का यह डिजिटल अभियान सिर्फ बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सुदूर गांवों यानी रूरल लोकल बॉडीज और शहरी स्थानीय निकायों तक अपनी पैठ बना चुका है. राज्य की 55 लाइव सेवाओं का लाभ उठाने के लिए लोग बढ़-चढ़कर आगे आ रहे हैं.
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बड़े राज्यों को झारखंड ने पीछे छोड़ा
केरल जैसे शत-प्रतिशत साक्षर राज्य में जहां कुल जमा सिर्फ 47 आवेदन आए हैं, वहीं महाराष्ट्र में यह संख्या केवल 105 पर सिमट गई है. चंडीगढ़ में 107 आवेदन, अंडमान-निकोबार में 40 आवेदन और अरुणाचल प्रदेश में 63 आवेदन दर्ज किए गए हैं. झारखंड के 10,378 आवेदनों के सामने ये आंकड़े काफी पीछे नजर आते हैं. पूरे देश से आए कुल 43,178 आवेदनों में से अकेले 10 हजार से अधिक आवेदन झारखंड के हैं. यह साबित करता है कि डिजिटल इंडिया के इस दौर में झारखंड अब पिछड़ा नहीं, बल्कि देश का डिजिटल लीडर बनने की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है.
रिकॉर्ड तोड़ डिलीवरी और प्रोसेसिंग
• वर्तमान में 1,71,498 आवेदन ऐसे हैं, जो तय समय सीमा के भीतर अधिकारियों की टेबल पर हैं और जिन पर तेजी से काम चल रहा है.
• तय समय सीमा के भीतर रिकॉर्ड 3,08,80,959 आवेदनों का निपटारा कर सेवाएं जनता तक पहुंचाई जा चुकी हैं.
• एक सप्ताह के भीतर 11,309 आवेदन डिलीवर किए जा चुके हैं.
• आठ से 15 दिनों के भीतर 11,578 आवेदन प्रोसेस कर नागरिकों तक पहुंचाए गए हैं.
• 15 दिनों से अधिक समय लगने के बावजूद 32,68,594 आवेदनों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया है.
