News Wave Desk: स्किन फास्टिंग क्या है? स्किन फास्टिंग एक नया ट्रेंड है जिसमें कुछ समय के लिए चेहरे पर कोई स्किनकेयर प्रोडक्ट नहीं लगाया जाता. इसका मकसद है स्किन को “रीसेट” करने का मौका देना. माना जाता है कि रोजाना फेसवॉश, सीरम, मॉइश्चराइजर, सनस्क्रीन जैसे कई प्रोडक्ट लगाने से स्किन का नेचुरल बैलेंस बिगड़ सकता है. स्किन फास्टिंग की शुरुआत जापान से हुई थी और अब ये दुनिया भर में लोकप्रिय हो रही है.

कैसे करें स्किन फास्टिंग?

स्किन फास्टिंग करने के कई तरीके हैं. सबसे आसान है ओवरनाइट मिनी फास्ट हफ्ते में एक रात सिर्फ पानी से चेहरा धोकर बिना कोई प्रोडक्ट लगाए सोएं. शुरुआती और सेंसिटिव स्किन वालों के लिए ये सबसे बेस्ट है. दूसरा तरीका है 24 घंटे का फुल फास्ट, जिसमें पूरे दिन और रात स्किन पर कुछ भी न लगाएं. यह ऑयली या एक्ने प्रोन स्किन के लिए उपयुक्त है, लेकिन इस दौरान धूप में बाहर न जाएं क्योंकि सनस्क्रीन भी नहीं लगानी है. तीसरा तरीका है प्रोडक्ट फास्टिंग, जिसमें एक्टिव इंग्रेडिएंट्स (जैसे रेटिनॉल, विटामिन-C, AHA-BHA) को हफ्ते में दो दिन के लिए रोक दें, लेकिन क्लींजर और मॉइश्चराइजर जारी रखें. ये सबसे सुरक्षित तरीका है.
स्किन फास्टिंग के फायदे

लोगों के मुताबिक, स्किन फास्टिंग से स्किन का बैरियर मजबूत होता है, नेचुरल ग्लो लौटता है, प्रोडक्ट की असली जरूरत समझ में आती है, और पैसे और समय की बचत होती है. लेकिन बहुत ड्राई स्किन, एक्जिमा या एक्ने ट्रीटमेंट पर रहने वालों को स्किन फास्टिंग नहीं करनी चाहिए. डर्मेटोलॉजिस्ट भी सलाह देते हैं कि बेसिक क्लींजर, मॉइश्चराइजर और सनस्क्रीन कभी न छोड़ें, सिर्फ एक्टिव्स को ब्रेक दें.
याद रखें, स्किन फास्टिंग कोई जादू नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर रूटीन सिंपल करने का तरीका है. अपनी स्किन की जरूरत को समझें, ट्रेंड के पीछे न भागें.
ALSO READ: जीभ की देखभाल: स्वस्थ मुंह की पहली शर्त
