Palamu: मेदिनीनगर स्थित चियांकी हवाई अड्डे से विमानों का परिचालन शुरू होने में राज्य सरकार की उदासीनता सबसे बड़ी बाधा बनकर सामने आई है. पलामू सांसद वी. डी. राम के प्रयासों और लोकसभा में उठाए गए सवाल के बाद केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय के जवाब से यह स्पष्ट हुआ है कि झारखंड सरकार की ओर से जरूरी प्रस्ताव नहीं भेजे जाने के कारण विमान सेवा शुरू करने की प्रक्रिया अधर में लटकी हुई है.
लोकसभा में उठाया गया था मामला
दरअसल, सांसद वी. डी. राम ने 27 मार्च 2025 को लोकसभा में शून्यकाल के दौरान क्षेत्रीय संपर्क योजना-उड़ान (RCS-UDAN) के तहत चियांकी हवाई अड्डे के शीघ्र संचालन का मामला उठाया था. इसके बाद नागरिक उड्डयन एवं सहकारिता मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने पत्र भेजकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया है.

केंद्र ने बताया कहां अटकी प्रक्रिया
21 मई 2026 को प्राप्त पत्र में केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया है कि चियांकी हवाई अड्डे से विमान सेवा शुरू करने के लिए राज्य सरकार की ओर से विशेष प्रमाणन (सर्टिफिकेशन) और प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजना अनिवार्य है. लेकिन अब तक यह प्रस्ताव दिल्ली नहीं पहुंचा है. इसी वजह से नागरिक उड्डयन मंत्रालय आगे की कार्रवाई नहीं कर पा रहा है.
CM और मुख्य सचिव को लिखा गया था पत्र
सांसद के निजी सचिव अलख दुबे ने बताया कि इस गतिरोध को खत्म करने के लिए सांसद ने स्वयं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव अविनाश कुमार को पत्र लिखने के साथ व्यक्तिगत मुलाकात कर प्रस्ताव जल्द भेजने का आग्रह किया था.
पलामूवासियों का सपना अब भी अधूरा
इसके बावजूद अब तक राज्य सरकार की ओर से कोई ठोस पहल नहीं की गई है. सरकार के टालमटोल रवैये के कारण पलामूवासियों का चियांकी हवाई अड्डे से उड़ान भरने का सपना फिलहाल अधर में लटका हुआ है.
