पटना: बिहार की राजनीति के शिखर पुरुष ने प्रदेश की जनता के नाम एक भावुक और गरिमापूर्ण संदेश जारी किया है. पिछले 20 वर्षों से अधिक समय तक बिहार के विकास की कमान संभालने के बाद, उन्होंने अपने भविष्य की राह और जनता के प्रति अपनी अटूट निष्ठा को साझा किया है.

जनता का आभार और विकास का सफर
अपने संबोधन की शुरुआत उन्होंने बिहार की जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए की.उन्होंने कहा कि पिछले दो दशकों से जनता ने जो विश्वास और समर्थन उन पर बनाए रखा, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है. आपके विश्वास की ही ताकत थी कि बिहार आज विकास और सम्मान के नए प्रतिमान स्थापित कर रहा है. मैंने पूरी निष्ठा से प्रदेश की सेवा करने का प्रयास किया है.

संसदीय जीवन का अधूरा सपना होगा पूरा
इस संदेश का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा उनकी भविष्य की योजना से जुड़ा है.उन्होंने अपनी एक पुरानी इच्छा का उल्लेख करते हुए बताया कि वह अपने संसदीय करियर में एक खास उपलब्धि हासिल करना चाहते हैं. वह बिहार विधान मंडल के दोनों सदनों (विधानसभा और विधान परिषद) के सदस्य रह चुके हैं. वह लोकसभा के सदस्य के रूप में भी सेवा दे चुके हैं. अब, वह राज्यसभा का सदस्य बनकर संसद के दोनों सदनों का अनुभव प्राप्त करने की इच्छा रखते हैं.
नई सरकार को मार्गदर्शन और विकसित बिहार का संकल्प
उन्होंने स्पष्ट किया कि सदन बदलने का अर्थ जनता से दूर जाना नहीं है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि विकसित बिहार बनाने का उनका संकल्प पहले की तरह ही मजबूत रहेगा.आगामी सरकार के संदर्भ में उन्होंने दो महत्वपूर्ण बातें कही कि नई बनने वाली सरकार को उनका पूरा समर्थन प्राप्त होगा. वह अपने लंबे प्रशासनिक अनुभव से नई व्यवस्था का मार्गदर्शन करते रहेंगे.

