Chakradharpur: पांच बार की विधायक और बिहार से लेकर झारखंड तक पांच मुख्यमंत्रियों के साथ सरकार में मंत्री रही और वर्तमान में सिंहभूम लोकसभा क्षेत्र की सांसद जोबा माझी की सादगी की चर्चा पूरे देश होती है. मंगलवार को फिर एक बार सांसद की सादगी देखने को मिली. दरअसल, सांसद जोबा माझी अपने विधायक पुत्र जगत माझी के साथ मनोहरपुर विधानसभा क्षेत्र के गुदड़ी प्रखंड अंतर्गत लिगिर गांव में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने पहुंची थी. चूंकि इलाका जंगल-पहाड़ी से घिरा है, तो कार्यक्रम समाप्ति के बाद आयोजकों ने ग्रामीणों सहित सांसद और विधायक के लिए जमीन पर ही बैठकर भोजन करने की व्यवस्था की थी. बिना झिझक सांसद और विधायक जमीन पर बैठ गये.

सांसद और विधायक ने ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए भोजन ग्रहण किया
आयोजकों ने सखुआ के पत्तल में खाना परोसा और दोनों ने ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए भोजन ग्रहण किया. भोजन के दौरान कुछ ग्रामीण सांसद और विधायक को जमीन पर बैठकर भोजन करते देख असहज महसूस करने लगे, तो सांसद जोबा माझी ने स्वयं उनकी असहजता दूर करते हुए कहा वह एक आंदोलनकारी शहीद परिवार से आते हैं. राजनीति में कितने भी बड़े पद पर रहे, लेकिन जमीन से जुड़ाव खत्म नहीं होगा.
मालूम हो कि सांसद जोबा माझी के पति देवेंद्र माझी सारंडा-पोड़ाहाट जंगल में बसे लोगों को जल, जंगल और जमीन पर अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष करते हुए शहीद हो गये थे. देवेंद्र माझी के विधायक रहते जोबा माझी चक्रधरपुर के इतवारी बाजार में सब्जी बेचा करती थी. राजनीति के शिखर पर होने के बावजूद सांसद जोबा माझी आज भी खेतीबाड़ी का कार्य करती हैं और घर के कामकाज भी संभालती है.
