बुंडू ट्रॉमा सेंटर नौकरी घोटाले में कारवाई, कर्मी अजय सेठ बर्खास्त, समानता के एचआर के खिलाफ जांच की मांग

Ranchi : बुंडू ट्रॉमा सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की अवैध वसूली के मामले में कर्मी...

Ranchi : बुंडू ट्रॉमा सेंटर में नौकरी दिलाने के नाम पर युवाओं से लाखों रुपये की अवैध वसूली के मामले में कर्मी अजय सेठ को पदमुक्त कर दिया गया है. कर्मी अजय सेठ को पदमुक्त 26 मई को किया गया. अजय सेठ आउटसोर्सिंग कंपनी ‘समानता’ के माध्यम से कार्यरत थे. अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अजय सेठ अब अस्पताल परिसर में किसी भी प्रकार की आधिकारिक गतिविधि में शामिल नहीं होंगे.
मामले ने उस समय तूल पकड़ा जब सोशल मीडिया पर एक कथित ऑडियो और वीडियो वायरल हुआ. वायरल बातचीत में अजय सेठ कथित रूप से आजसू नेता राजकिशोर कुशवाहा से फोन पर यह स्वीकार करता सुनाई दे रहा है कि उसने नौकरी लगवाने के नाम पर लोगों से पैसे लिए थे और रकम लौटाने की बात भी कही थी.

 

पदमुक्त के लिये जारी आदेश

“बिना पैसे नौकरी नहीं मिलती वायरल” बातचीत में बड़ा दावा

वायरल वीडियो और ऑडियो में अजय सेठ ने यह भी कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनी ‘समानता’ में बिना पैसे नौकरी मिलना संभव नहीं है. उसने दावा किया कि उसने स्वयं नौकरी पाने के लिए पैसे दिए थे और ट्रॉमा सेंटर में कार्यरत कई अन्य कर्मियों ने भी मोटी रकम देकर जॉइनिंग हासिल की थी.
बातचीत में उसने कंपनी के एचआर कुंदन कुमार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रति व्यक्ति लगभग डेढ़ लाख रुपये लेकर अवैध तरीके से नियुक्तियां कराई जा रही थीं. इस खुलासे के बाद पूरे मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर हलचल पैदा कर दी है.

शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में

बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो सामने आने से पहले ही आजसू नेता राजकिशोर कुशवाहा ने झारखंड सरकार के स्वास्थय मंत्री, रांची उपायुक्त और सिविल सर्जन को लिखित शिकायत सौंपकर पूरे मामले की जांच की मांग की थी. शिकायत में ‘समानता’ कंपनी के एचआर कुंदन कुमार और अजय सेठ के खिलाफ साक्ष्यों के साथ कार्रवाई की मांग की गई थी.
शिकायत के बाद प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हुई और अस्पताल प्रबंधन ने अजय सेठ के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे पदमुक्त कर दिया.

अजय सेठ सिर्फ मोहरा, असली जांच एचआर तक पहुंचे

स्थानीय लोगों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि अजय सेठ पर कार्रवाई केवल शुरुआत है. उनका आरोप है कि इस पूरे नेटवर्क के पीछे आउटसोर्सिंग कंपनी का एचआर कुंदन कुमार मुख्य भूमिका में है और गरीब युवाओं से नौकरी के नाम पर अवैध वसूली का बड़ा खेल चलाया जा रहा था.
लोगों ने मांग की है कि मामले में तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराई जाएं ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सकें.

समाजिक कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांग

1. ‘समानता’ कंपनी के एचआर कुंदन कुमार के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया जायें.
2. पिछले कुछ वर्षों में हुई सभी आउटसोर्सिंग नियुक्तियों की उच्च स्तरीय जांच हो.
3. नौकरी के नाम पर ठगे गए युवाओं का पैसा वापस हो.
4. भविष्य में नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सख्त व्यवस्था लागू की हो.

 

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