केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी की शिकायत पर डाल्टनगंज रेल थाना में प्राथमिकी दर्ज

Ranchi : झारखंड में रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है. जिसे सुनकर हर कोई दंग है. एक कलयुगी बेटे ने अपने ही पिता के नाम पर अलग-अलग कंपनियों में कुल 21 करोड़ रुपये का बीमा कराया और फिर उस रकम को हड़पने के लिए अपने पिता की ट्रेन से धक्का देकर बेरहमी से हत्या कर दी. इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब एक इंश्योरेंस कंपनी को बेटे की कार्यप्रणाली पर शक हुआ और उन्होंने रेल पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज करायी. अब रेल डीजी अनिल पालटा के निर्देश पर इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है.
फर्जी दस्तावेजों के आधार पर कराया था 21 करोड़ का इंश्योरेंस
जानकारी के अनुसार, आरोपी बेटे का नाम सत्येंद्र कुंडू है. सत्येंद्र ने अपने पिता रतन कुमार कुंडू (जो स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड – सेल से सेवानिवृत्त कर्मी थे) के नाम पर पिछले दो वर्षों के दौरान कई इंश्योरेंस कंपनियों से करीब 21 साल की अवधि वाले अलग-अलग जीवन और स्वास्थय बीमा पॉलिसी ली थीं. आरोपी ने इन पॉलिसियों को हासिल करने के लिए फर्जी दस्तावेजों और फर्जी इनकम टैक्स रिटर्न का सहारा लिया था. इसी कड़ी में उसने केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से भी अपने पिता के नाम पर तीन करोड़ रुपये का बड़ा हेल्थ इंश्योरेंस कराया था. इसके अलावा कई अन्य इंश्योरेंस कंपनियों को मिलाकर कुल बीमा राशि 21 करोड़ रुपये थी.
साजिश के तहत ट्रेन से धक्का देकर हत्या करने का आरोप
मृतक रतन कुमार कुंडू मूल रूप से दुर्गापुर, पश्चिम बंगाल के रहने वाले थे. दर्ज प्राथमिकी के मुताबिक, बीती 30 अप्रैल 2024 को सत्येंद्र कुंडू अपने पिता को लेकर भ्रमण पर निकला था. जैसे ही ट्रेन डाल्टनगंज रेल थाना क्षेत्र में आया था. यहां तोलरा स्टेशन से कुछ ही दूरी पहले उसने साजिश के तहत अपने बुजुर्ग पिता को चलती ट्रेन से नीचे धक्का दे दिया, जिससे घटनास्थल पर ही उनकी मौत हो गई.
परिजनों को भनक तक नहीं लगने दी, अकेले किया अंतिम संस्कार
इस हत्याकांड में सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि आरोपी सत्येंद्र ने अपने पिता की मौत की खबर अपने ही परिवार के अन्य सदस्यों या रिश्तेदारों को नहीं दी. वह अपने पिता के शव को उनके पैतृक आवास दुर्गापुर भी लेकर नहीं गया. कानून और परिवार की नजरों से बचने के लिए उसने तोलरा के पास ही अकेले अपने पिता का अंतिम संस्कार भी कर दिया.
पैसा निकालने के प्रयास में खुली पोल
पिता की मौत और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया गुपचुप तरीके से निपटाने के बाद, सत्येंद्र अलग-अलग कंपनियों से 21 करोड़ रुपये का क्लेम हासिल करने की कोशिशों में जुट गया. इस दौरान उसे एक इंश्योरेंस कंपनी से करीब 10 लाख रुपये का क्लेम मिल भी गया था. इसी बीच, जब उसने केयर हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी में तीन करोड़ रुपये के क्लेम के लिए आवेदन किया, तो कंपनी को सत्येंद्र की गतिविधियों और पिता की मृत्यु की परिस्थितियों पर गहरा संदेह हुआ. कंपनी ने आंतरिक स्तर पर छानबीन की, जिसमें गड़बड़ी की बू आते ही उन्होंने तुरंत झारखंड रेल पुलिस से संपर्क किया.
रेल डीजी के आदेश पर FIR दर्ज, SIT गठित
मामले की संवेदनशीलता और गंभीरता को देखते हुए रेलवे के पुलिस महानिदेशक अनिल पालटा ने तुरंत संज्ञान लिया. उन्होंने डाल्टनगंज रेल थाना को अविलंब प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया. डीजी रेल के आदेश पर 19 मई को केयर हेल्थ इंश्योरेंस के मैनेजर मिलाप सिंह की शिकायत पर आरोपी सत्येंद्र कुंडू के खिलाफ हत्या और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया गया है. मामले की उच्चस्तरीय जांच के लिए एक विशेष जांच दल का भी गठन किया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एसआईटी इस पूरे फर्जीवाड़े और हत्याकांड की कड़ियों को जोड़ रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा.
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