News Wave Desk : पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ एक्शन लेते हुए सिंधु जल संधि को भी स्थगित कर दिया था. जिससे पाकिस्तान अभी तक प्रभातिव है. पीटीआई के अनुसार पाकिस्तान अब भारत से सिंधु जल संधि का सम्मान करने का आग्रह कर रहा है. पाकिस्तान ने संधि स्थगित करने का प्रयास अन्य कई देशों के लिये भी खतरनाक बताया है. दरअसल ताजिकिस्तान की राजधानी दुशांबे में आयोजित एक उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय जल सम्मेलन को संबोधित करते हुए पाकिस्तान के जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण समन्वय मंत्री डॉ. मुसादिक मलिक ने भारत पर आरोप लगाया है कि भारत साझा जल संसाधनों के राजनीतिकरण कर रहा है. जिससे पाकिस्तान समेत अन्य देशों को नुकसान है.
मुसादिक मलिक ने कहआ कि एकतरफा कारवाई से जल सुरक्षा, खाद्य उत्पादन और जलवायु परिवर्तन से संबधित गंभीर वैश्विक चुनौतियां पैदा कर सकती हैं. मलिक ने भारत से सिंधु जल संधि का सम्मान करने और अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता तंत्रों का पालन करने का आग्रह किया. मलिक ने पाकिस्तान की बढ़ती जलवायु चुनौतियों का भी जिक्र किया और कहा कि वैश्विक तापमान वृद्धि से सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में पाकिस्तान भी शामिल है.
पिछले साल किया था संधि स्थगित
पिछले साल 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के एक दिन बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ सख्त एक्शन लिया था. जिसमें सिंधु जल संधि को स्थगित करना भी शामिल था. हालांकि पाकिस्तान ने पानी रोकने को युद्ध की तरह बताया था. जानकारी हो कि विश्व बैंक की मध्यस्थता से पूरी हुई सिंधु जल संधि, 1960 से भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु नदी और उसकी सहायक नदियों के जल के वितरण और उपयोग को नियंत्रित करती आ रही है.

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