राज्यसभा की दूसरी सीट पर कांग्रेस में अंदरूनी हलचल तेज, शहजादा अनवर ने पेश किया अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का कार्ड

Ranchi : झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल होने के...

Ranchi :  झारखंड में आगामी राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है. महागठबंधन के पास पर्याप्त संख्याबल होने के कारण दो सीटों में से एक सीट पर झामुमो का दावा लगभग तय माना जा रहा है, जबकि दूसरी सीट को लेकर कांग्रेस के भीतर दावेदारी खुलकर सामने आने लगी है. पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सक्रिय लॉबिंग में जुट गए हैं और अब इस मुकाबले ने राजनीतिक रूप से नया मोड़ ले लिया है.

शहजादा अनवर ने उठाया अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व का मुद्दा

इसी बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष शहजादा अनवर ने अपनी दावेदारी को “अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व” के मुद्दे से जोड़ते हुए पार्टी नेतृत्व के सामने मजबूत राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की है. उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को पत्र लिखकर राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने की मांग की है.

लोकसभा चुनाव का दिया हवाला

अनवर ने अपने पत्र में कहा है कि पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस ने झारखंड से किसी मुस्लिम चेहरे को टिकट नहीं दिया था. ऐसे में राज्यसभा चुनाव पार्टी के लिए अल्पसंख्यक समुदाय को प्रतिनिधित्व देने का एक महत्वपूर्ण अवसर हो सकता है. उन्होंने इसे केवल व्यक्तिगत दावेदारी नहीं, बल्कि सामाजिक संतुलन, समावेशी राजनीति और अल्पसंख्यक समाज को सकारात्मक संदेश देने से जुड़ा मुद्दा बताया है.

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महागठबंधन के संख्या बल का किया जिक्र

उन्होंने महागठबंधन की वर्तमान राजनीतिक स्थिति का भी हवाला दिया. झारखंड विधानसभा में गठबंधन के पास बहुमत से अधिक विधायकों का समर्थन होने के कारण कांग्रेस यदि दूसरी सीट पर उम्मीदवार उतारती है, तो उसकी जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है. इसी आधार पर अनवर ने अपने नाम पर सहमति बनाने की अपील की है.

संगठन में लंबे समय से सक्रिय हैं अनवर

शहजादा अनवर लंबे समय से झारखंड कांग्रेस संगठन में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं. वे जिलाध्यक्ष, प्रदेश प्रवक्ता, प्रदेश सचिव, कार्यकारी अध्यक्ष और राज्य कार्यसमिति सदस्य जैसे कई महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी निभा चुके हैं. पिछली राज्यसभा चुनाव में भी कांग्रेस ने उन्हें उम्मीदवार बनाया था, हालांकि उस समय राजनीतिक समीकरण उनके पक्ष में नहीं जा सके थे. अपने पत्र में उन्होंने कहा है कि यदि पार्टी उन्हें संसद भेजती है, तो वे झारखंड के हितों, धर्मनिरपेक्षता, सामाजिक न्याय, किसानों, मजदूरों, युवाओं और वंचित तबकों की आवाज को मजबूती से उठाने का काम करेंगे. वहीं राजनीतिक जानकारों का मानना है कि कांग्रेस के भीतर राज्यसभा सीट को लेकर दावेदारों की संख्या बढ़ने से आने वाले दिनों में अंदरूनी खींचतान और तेज हो सकती है.

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