BREAKING: झारखंड में सिक्योरिटी एजेंसी के लाइसेंस में देरी पर केंद्र सख्त, गृह विभाग ने बुलाई बैठक

Ranchi: झारखंड में सुरक्षा एजेंसियां चलाने के लिए लाइसेंस जारी करने और उनके रिन्युअल में हो रही अत्यधिक देरी पर केंद्र सरकार...

Ranchi: झारखंड में सुरक्षा एजेंसियां चलाने के लिए लाइसेंस जारी करने और उनके रिन्युअल में हो रही अत्यधिक देरी पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है. केंद्रीय गृह मंत्रालय से पत्र मिलने के बाद झारखंड सरकार के गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इस मामले को गंभीरता से लिया है. इस संबंध में राज्य के सभी एसएसपी, एसपी को निर्देश जारी करते हुए कल यानि 29 मई को एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक बुलाई गई है.

केंद्र सरकार ने जताई आपत्ति, नियमों के उल्लंघन का हवाला

गृह कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग के रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार के गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रसन्ना आर. ने एक अर्धसरकारी पत्र लिखकर इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की थी कि निजी सुरक्षा अभिकरण (विनियमन) अधिनियम, 2005′ (PSARA Act 2005) के तहत निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदनों का निपटारा नहीं हो रहा है.

नया लाइसेंस जारी करने की समय-सीमा,60 दिन निर्धारित है

लाइसेंस रिन्यूअल की समय-सीमा 30 दिन निर्धारित है. केंद्र ने साफ किया कि झारखंड में इस समय-सीमा का उल्लंघन हो रहा है, जो कि नियमों के खिलाफ है. डेटा के मुताबिक, राज्य में नए लाइसेंस के 62 आवेदन 60 दिनों से अधिक समय से और नवीनीकरण के आठ आवेदन 30 दिनों से अधिक समय से लंबित पड़े हैं.

जाने देरी की मुख्य वजहें

– जिला स्तर पर आवेदकों के पूर्ववृत्त सत्यापन और पुलिस जांच प्रतिवेदन और एनओसी अनापत्ति प्रमाणपत्र मिलने में अत्यधिक विलंब हो रहा है.

– हर 6 महीने या सालभर में बार-बार चरित्र सत्यापन की प्रक्रिया दोहराना.

– राष्ट्रव्यापी मान्यता प्राप्त प्रशिक्षण प्रमाणपत्रों को स्वीकार न करना.

– एजेंसियों द्वारा जमा किए गए दस्तावेजों की ऐसी बारीकियों की जांच करना जिन्हें आसानी से टाला जा सकता है, जिसके कारण फाइलें लंबे समय तक लंबित रह जाती हैं.

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