हजारीबाग: छड़वा डैम के जर्जर स्पिलवे गेटों के जीर्णोद्धार की तैयारी तेज, नगर निगम ने जल संसाधन विभाग से मांगा विस्तृत प्राक्कलन

Hazaribagh: नगर निगम क्षेत्र की लाइफलाइन माने जाने वाले छड़वा डैम की सुरक्षा और शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए...

Hazaribagh: नगर निगम क्षेत्र की लाइफलाइन माने जाने वाले छड़वा डैम की सुरक्षा और शहर की पेयजल आपूर्ति व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए हजारीबाग नगर निगम ने गंभीर पहल शुरू कर दी है.आगामी मानसून और वर्षा ऋतु को देखते हुए नगर आयुक्त ने जल संसाधन विभाग, झारखंड के मुख्य अभियंता (यांत्रिक), रांची को पत्र भेजकर डैम के सभी स्पिलवे गेटों और अन्य तकनीकी घटकों के जीर्णोद्धार हेतु विस्तृत प्राक्कलन तैयार करने का अनुरोध किया है.

1952 में बना था डैम, दशकों से नहीं हुई मरम्मत

बताया गया कि छड़वा डैम का निर्माण वर्ष 1952 में डीवीसी द्वारा कराया गया था. डैम के स्पिलवे गेटों की स्थापना के बाद से अब तक इनकी समुचित मरम्मत या व्यापक रेनोवेशन नहीं कराया गया है. समय के साथ गेटों की स्थिति काफी जर्जर हो चुकी है, जिससे डैम की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है.

अक्टूबर 2025 की भारी बारिश में क्षतिग्रस्त हुआ था गेट नंबर-7

नगर निगम के अनुसार, अक्टूबर 2025 में हुई भारी बारिश के दौरान डैम का जलस्तर काफी बढ़ गया था. अत्यधिक दबाव के कारण गेट संख्या-7 क्षतिग्रस्त हो गया था. उस समय उपायुक्त हजारीबाग ने स्थल निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था, जिसके बाद नगर निगम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए क्षतिग्रस्त गेट की अस्थायी मरम्मत और प्रतिस्थापन का कार्य कराया था.

अन्य गेट भी खतरे की जद में

वर्तमान में डैम के अन्य सभी स्पिलवे गेटों की स्थिति भी बेहद खराब बताई जा रही है. नगर निगम का मानना है कि आगामी मानसून में यदि जलस्तर और पानी का दबाव बढ़ता है, तो अन्य गेटों और उससे जुड़े यांत्रिक घटकों के क्षतिग्रस्त होने की आशंका बनी हुई है. इससे डैम की सुरक्षा के साथ-साथ शहर की पेयजल व्यवस्था पर भी गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है.

पानी के ठहराव में आ रही दिक्कत

गेटों की जर्जर स्थिति के कारण डैम में पानी का समुचित ठहराव नहीं हो पा रहा है. इसका सीधा असर शहर की जलापूर्ति व्यवस्था पर पड़ सकता है. नगर निगम का कहना है कि यदि समय रहते गेटों का जीर्णोद्धार नहीं कराया गया, तो आने वाले दिनों में शहरवासियों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ सकता है.

तकनीकी स्वीकृति के बाद शुरू होगा जीर्णोद्धार कार्य

नगर आयुक्त ने जल संसाधन विभाग से अनुरोध किया है कि कार्यपालक अभियंता, यांत्रिक प्रमंडल बनासो को आवश्यक निर्देश देकर जल्द से जल्द विस्तृत प्राक्कलन तैयार कराया जाए. इसके बाद तकनीकी स्वीकृति प्रदान कर जीर्णोद्धार कार्य को धरातल पर शुरू किया जाएगा. नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि जनहित और शहर की पेयजल सुरक्षा को देखते हुए इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है.

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