खूंटी सदर अस्पताल में डीसी का ‘कमिश्नर’ स्टाइल रेड, औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप

Khunti: स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों और हकीकत का सच जानने के लिए खुद प्रशासनिक अमला मैदान में उतर चुका है. सदर अस्पताल...

Khunti Sadar Hospital
सदर अस्पताल का निरीक्षण करते डीसी

Khunti: स्वास्थ्य व्यवस्था के दावों और हकीकत का सच जानने के लिए खुद प्रशासनिक अमला मैदान में उतर चुका है. सदर अस्पताल की व्यवस्थाओं को खंगालने और मरीजों का हक सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त (DC) मो. जावेद हुसैन ने अचानक पूरे दलबल के साथ अस्पताल परिसर में धावा बोल दिया. उपायुक्त मो. जावेद हुसैन ने बिना किसी पूर्व सूचना के सदर अस्पताल का रुख किया. उनका यह कदम अस्पताल प्रशासन के लिए किसी ‘सरप्राइज रेड’ से कम नहीं था. प्रशासनिक टीम ने अस्पताल के उन संवेदनशील हिस्सों का रुख किया, जहां सीधे जनता का सरोकार होता है. उन्होंने इमरजेंसी वार्ड, ऑपरेशन कक्ष, SNCU कक्ष, ICU, OPD, जांच घर, मातृ शिशु अस्पताल और डॉक्टर ड्यूटी रूम का बारीकी से निरीक्षण किया. ऑन-स्पॉट एक्शन लेते हुए उपायुक्त ने डॉक्टरों की उपस्थिति रजिस्टर को खंगाला और विभागवार तैनात डॉक्टरों की संख्या की कड़ाई से समीक्षा की.

किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी- उपायुक्त

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त का रुख बेहद कड़ा रहा. उन्होंने साफ शब्दों में अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी दी है कि मरीजों के इलाज में किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. इस दौरान OPD और इमरजेंसी सेवाओं को पूरी मुस्तैदी से चलाने का आदेश दिया गया. साथ ही डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को हिदायत दी गई है, कि वे पूरी तत्परता और संवेदनशीलता के साथ हर एक मरीज को अटेंड करें. अस्पताल परिसर की साफ-सफाई, शौचालय की स्थिति और मेडिकल वेस्ट के मैनेजमेंट पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है. पेयजल की व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने का अल्टीमेटम जारी किया गया है. दवा वितरण केंद्र पर जाकर दवाओं के स्टॉक की वास्तविकता जांची गई और निर्देश दिया गया कि जो दवाएं उपलब्ध हैं, वे प्रतिदिन मरीजों के बीच हर हाल में वितरित होनी चाहिए. दवाओं को दबाकर रखने का खेल नहीं चलेगा.

ऑक्सीजन (PSA) प्लांट को अविलंब चालू करने का सख्त आदेश

अस्पताल के दो सबसे महत्वपूर्ण लाइफ-सपोर्ट सिस्टम्स को लेकर भी प्रशासनिक जांच की आंच तेज हो गई है. अस्पताल के ऑक्सीजन (PSA) प्लांट को अविलंब चालू करने का सख्त आदेश सिविल सर्जन और संबंधित अधिकारियों को थमा दिया गया है. इसके अलावा जांच घर (Lab) के बाहर सभी तरह के टेस्ट का रेट चार्ट स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने का हुक्म दिया गया है, ताकि मरीजों से कोई अवैध वसूली न कर सके. साथ ही शत-प्रतिशत सही और गुणवत्तापूर्ण जांच रिपोर्ट समय पर देने को कहा गया है, ताकि इलाज में देरी न हो.

DPH लैब में कई प्रकार की जांच सुविधाएं पूरी तरह से नि:शुल्क

वहीं, सदर अस्पताल खूंटी स्थित DPH लैब में राशनकार्ड धारकों और BPL परिवारों के लिए 80 से अधिक प्रकार की जांच सुविधाएं पूरी तरह से नि:शुल्क उपलब्ध कराई जा रही है. इनमें बायोकेमिस्ट्री, हेमेटोलॉजी, सीरोलॉजी, हार्मोनल टेस्ट, यूरिन जांच, लीवर फंक्शन टेस्ट (LFT), किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT), ब्लड शुगर, लिपिड प्रोफाइल, CBC, प्लेटलेट काउंट, डेंगू, मलेरिया, HIV, थायराइड प्रोफाइल, विटामिन B12, विटामिन D, प्रेगनेंसी टेस्ट और ब्लड ग्रुपिंग समेत कई महत्वपूर्ण जांच शामिल हैं.

वहीं इस हाई-प्रोफाइल प्रशासनिक कार्रवाई और निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ कंधे से कंधा मिलाकर पूरी टीम मौजूद रही, जिसमें मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त प्रवीण कुमार प्रकाश, सिविल सर्जन, उपाधीक्षक, DDM, DPC समेत कई अन्य आला अधिकारी शामिल थे. इस औचक निरीक्षण ने साफ कर दिया है, कि खूंटी प्रशासन अब स्वास्थ्य व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही या ‘सिस्टम के लूपहोल्स’ को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. सिविल सर्जन को मिले अल्टीमेटम के बाद अब देखना यह होगा कि अस्पताल की सूरत कितनी जल्दी बदलती है.

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