वित्त पदाधिकारी बने प्रभारी रजिस्ट्रार, वेतन लंबित मामलों पर तेज हुई चर्चा

Hazaribagh : विनोबा भावे विश्वविद्यालय में वित्त पदाधिकारी को प्रभारी रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और...

Hazaribagh : विनोबा भावे विश्वविद्यालय में वित्त पदाधिकारी को प्रभारी रजिस्ट्रार का अतिरिक्त प्रभार दिए जाने के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय कार्यों को लेकर चर्चाओं का दौर तेज हो गया है. विश्वविद्यालय में पिछले लगभग एक माह से वित्त पदाधिकारी का पद रिक्त रहने के कारण कई वित्तीय फाइलें लंबित बताई जा रही हैं, जिससे शिक्षकों और कर्मचारियों से जुड़े मामलों पर भी असर पड़ा है.

वित्तीय कार्यों के सुचारू संचालन को लेकर उठ रहे सवाल

विश्वविद्यालय से जुड़े सूत्रों के अनुसार, वित्त पदाधिकारी के अभाव में बजट, फंड संचालन, ऑडिट और विभिन्न वित्तीय अनुमोदनों से संबंधित कई कार्य प्रभावित हुए हैं. ऐसे में वित्त पदाधिकारी को ही प्रभारी रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि लंबित वित्तीय मामलों  के निस्तारण में तेजी आएगी. हालांकि विश्वविद्यालय के भीतर यह चर्चा भी है कि दोनों महत्वपूर्ण प्रशासनिक पदों की जिम्मेदारी एक ही अधिकारी के पास होने से कार्यभार बढ़ सकता है. दूसरी ओर, समर्थक इसे प्रशासनिक समन्वय और निर्णय प्रक्रिया को गति देने वाला कदम मान रहे हैं.

नए वित्त पदाधिकारी की नियुक्ति को लेकर अटकलें

विश्वविद्यालय  में स्थायी वित्त पदाधिकारी की नियुक्ति को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं. विभिन्न महाविद्यालयों और विभागों से जुड़े कई नामों की चर्चा हो रही है, हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है. सूत्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे अधिकारी की तलाश में है जो वित्तीय प्रबंधन के साथ-साथ प्रशासनिक अनुभव भी रखता हो, ताकि लंबित मामलों का शीघ्र समाधान किया जा सके.

शिक्षकों के तबादले-पदस्थापन का सिलसिला जारी

इधर विश्वविद्यालय प्रशासन ने शिक्षकों के तबादले और पदस्थापन की प्रक्रिया भी जारी रखी है. जारी अधिसूचना के अनुसार चार शिक्षकों का स्थानांतरण विभिन्न महाविद्यालयों में किया गया है. इन तबादलों को विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप उठाया गया कदम बताया जा रहा है. विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि शिक्षण व्यवस्था को बेहतर बनाने और विभिन्न कॉलेजों में आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह प्रक्रिया अपनाई जा रही है.

कुलपति पद को लेकर भी चर्चा तेज

विश्वविद्यालय परिसर में कुलपति पद को लेकर भी चर्चाओं का बाजार गर्म है. विभिन्न प्रशासनिक पदों पर हो रहे बदलावों के बीच विश्वविद्यालय के भविष्य के नेतृत्व और नीतिगत दिशा को लेकर शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र संगठनों के बीच अलग-अलग तरह की चर्चाएं चल रही हैं. हालांकि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से किसी भी संभावित नियुक्ति या परिवर्तन को लेकर आधिकारिक रूप से कोई जानकारी साझा नहीं की गई है.

प्रशासनिक स्थिरता की उम्मीद

विश्वविद्यालय समुदाय की अपेक्षा है कि लंबित वित्तीय और प्रशासनिक मामलों का शीघ्र समाधान हो तथा नियमित वेतन भुगतान, शैक्षणिक गतिविधियों और विकास योजनाओं में तेजी आए. वित्त पदाधिकारी को प्रभारी रजिस्ट्रार का दायित्व सौंपे जाने के बाद अब सभी की नजर विश्वविद्यालय प्रशासन के अगले कदमों पर टिकी हुई है.

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