NewsWave Desk : कॉकरोच जनता पाटी CJP ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश को सरकार के आश्वासनों के उलट बताया है. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट ने लाठीचार्ज मामले में सुनवाई की. जहां कोर्ट ने अंतरिम आदेश देते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान दर्ज एफआईआर FIR पर जांच जारी रखी जायें. इस पर सीजेपी CJP ने विरोध दर्ज किया है. सीजेपी CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि सरकार संग वार्ता में ये बात कही गयी थी कि सरकार प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर FIR वापस लेगी. सुप्रीम कोर्ट ने अब कहा है कि जो एफआईआर FIR पहले ही दर्ज हो चुकी है, उन्हें वापस नहीं लिया जाएगा. सरकार के साथ हमारी बातचीत में ऐसी कोई बात नहीं हुई थी. सौरव दास ने कहा कि सरकार से उम्मीद करते है कि वह छात्रों को दिए गए आश्वासनों को पूरा करेगी. सुप्रीम कोर्ट की ओर से लगाई जा रही शर्तें हमें मंज़ूर नहीं हैं.
सुप्रीम कोर्ट का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिये
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स X पर पोस्ट करते हुए सौरव दास ने लिखा की सरकार के फायदे के लिए सुप्रीम कोर्ट का राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का इस्तेमाल असली प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाने के लिए नहीं होना चाहिए. सरकार ने देश के सामने एक पक्का वादा किया गया था. उसका सम्मान किया जाना चाहिए और सभी एफआईआर FIR वापस ली जानी चाहिए.
युवा ऐसी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेंगे
सौरव दास ने कहा कि अगर प्रदर्शनकारियों के बीच अपराधी पाए जाते हैं तो पुलिस को दूसरों को निशाना बनाने के लिए एफआईआर FIR का इस्तेमाल नहीं करना चाहिये. सरकार को चाहिये कि कानूनी प्रक्रियाओं के जरिए कार्रवाई करें. अगर अपराधी खुलेआम घूम रहे थे तो पुलिस को उनके पुराने मामलों में जमानत रद्द करने की अर्जी देनी चाहिए. लेकिन सरकार इस बहाने का इस्तेमाल एफआईआर FIR दर्ज करने के लिए नहीं कर सकती. जिससे बाद में असली प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया जा सके. युवा ऐसी कार्रवाई को स्वीकार नहीं करेंगे और सीजेपी आंदोलन में शामिल होने वाले प्रदर्शनकारियों का समर्थन करना जारी रखेगी.
