Ranchi: झारखंड मुक्ति मोर्चा ने राज्य में जारी एसआइआर अभियान की पारदर्शिता पर सवाल उठाते हुए मुख्य निर्वाचन अधिकारी को पत्र भेजा है. पार्टी महासचिव विनोद कुमार पांडेय द्वारा शनिवार को सौंपे गए इस पत्र में निर्वाचन आयोग से सात प्रमुख बिंदुओं पर 15 कार्य दिवसों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा गया है. झामुमो ने स्पष्ट किया है कि वह प्रक्रिया में रचनात्मक सहयोग चाहती है, लेकिन इससे पहले जमीनी स्तर की विसंगतियों को दूर करना जरूरी है. पार्टी ने विशेष रूप से संथाल परगना, कोल्हान और दक्षिण छोटानागपुर जैसे आदिवासी बहुल व बहुभाषी इलाकों में बूथ स्तरीय अधिकारियों की भाषाई समझ पर चिंता जताई है. झामुमो की मांग है कि अनुसूचित क्षेत्रों में संथाली जैसी स्थानीय भाषाएं जानने वाले बीएलओ या सहायक कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए.

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बिना पुख्ता भौतिक सत्यापन के किसी भी मतदाता का नाम न काटा जाए
इसके अलावा, जीआइएस आधारित हाउस मैपिंग के दौरान अनमैप्ड श्रेणी में डाले गए मतदाताओं और फॉर्म 6 के जरिए जुड़े नए मतदाताओं के विलोपन की आशंका पर भी सवाल उठाए गए हैं. झामुमो ने मांग की है कि बिना पुख्ता भौतिक सत्यापन के किसी भी मतदाता का नाम न काटा जाए. साथ ही, राजनीतिक दलों को भाग वार अनमैप्ड मतदाताओं की सूची, प्रस्तावित विलोपन सूची तक रीड-ओनली एक्सेस देने के लिए विस्तृत एसओपी जारी की जाए.
