Ranchi: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश के साथ चल रही खींचतान पर विराम लगाते हुए वित्त मंत्री ने कहा कि उनका किसी से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं है. उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस एक लोकतांत्रिक पार्टी है और यहां व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि नीतियों और कार्यशैली को लेकर मतभेद होना स्वाभाविक है. वे शनिवार को धनबाद में मीडिया से बातचीत कर रहे थे. उन्होंने राज्यसभा चुनाव पर कहा कि भाजपा के पास न तो नंबर है और न ही नीतियां, वह सिर्फ जोड़-तोड़ और खरीद-फरोख्त के भरोसे राज्यसभा चुनाव फतह करने का मुगालता पाल रही है.

महागठबंधन चट्टान की तरह मजबूत, कांग्रेस उतारेगी प्रत्याशी
वित्त मंत्री ने भाजपा की चुनावी रणनीति को पूरी तरह अलोकतांत्रिक करार देते हुए संख्या बल का गणित सामने रखा. उन्होंने कहा कि झारखंड में राज्यसभा की एक सीट के लिए 28 वोटों की दरकार है, जबकि झामुमो, कांग्रेस, राजद और वामदलों को मिलाकर हमारे महागठबंधन के पास 56 विधायकों का अटूट समर्थन है. ऐसे में हमारी स्थिति अभेद्य है. इस चुनाव में कांग्रेस अपना उम्मीदवार मैदान में उतारेगी और इसका अंतिम फैसला आलाकमान जल्द करेगा.
भाषा विवाद नहीं प्रशासनिक चूक, 3 जून को महामंथन
राज्य में जारी भाषा विवाद को लेकर उन्होंने माना कि यह एक प्रशासनिक चूक है, जिसे सुधारने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उच्च स्तरीय समिति बनाई है, जिसकी अगली बैठक 3 जून को होगी. उन्होंने मांग की कि बिहार से सटे जिलों में बोली जाने वाली भोजपुरी, मैथिली और अंगिका को उचित स्थान मिले. जहां जनजातीय भाषाएं नहीं बोली जातीं, वहां उन्हें जबरन थोपना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा. सरकार को भाषा नियमावली में तुरंत संशोधन करना चाहिए.
