Chaibasa: पश्चिम सिंहभूम जिला के प्रखंड नुवामुंडी अंतर्गत पेटेयता पंचायत के लातार कुंदरूझोर गांव में कोल्हान रक्षा संघ के नेतृत्व में एक बैठक हुई. बैठक में बताया गया कि नुआमुंडी, टोंटों, जगन्नाथपुर तीनों अंचल के 190 गांवों के हजारों लोग वनपट्टा से बंचित हैं. लगभग 190 वन ग्रामों के ग्रामीण आजादी से पहले से बसे हुए हैं, लेकिन अब तक उन्हें वन पट्टा का अधिकार नहीं मिल सका है. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वन अधिकारों से वंचित रहने के कारण विकास कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं. बैठक में कोल्हान रक्षा संघ के अध्यक्ष डिबार जोंको, महासचिव मानसिंह हेंब्रम, कोषाध्यक्ष जयसिंह हेमाराम, सुखदेव हेमाराम, धनपति सरदार, पूनम हेंब्रम, सुमित्रा जोंको, रविंद्र मंडल, गोपाल अग्रवाल सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे.

यह भी पढ़ें: ब्रेकिंग: तमाड़ में भीषण सड़क हादसा, अज्ञात वाहन की चपेट में आया टेम्पो, 7 लोग घायल
गांवों में मूलभूत सुविधा मुहैया कराने की मांग
वक्ताओं ने कहा कि वन ग्रामों में पेयजल, सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, आंगनबाड़ी केंद्र सहित कई बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है, जिससे ग्रामीणों को दैनिक जीवन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कोल्हान रक्षा संघ के अध्यक्ष डिबार जोंको ने कहा कि वन ग्रामों में रहने वाले लोग वर्षों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं. आजादी के इतने वर्षों बाद भी ग्रामीणों को वन पट्टा नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार को अविलंब वन अधिकार कानून के तहत पात्र ग्रामीणों को वन पट्टा प्रदान करना चाहिए तथा विकास की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए. वहीं रविंद्र मंडल ने कहा कि वन ग्रामों में सड़क, पेयजल, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक सुविधाओं की स्थिति बेहद खराब है. कई गांव आज भी विकास की मुख्यधारा से कटे हुए हैं. सरकार और प्रशासन को इन समस्याओं पर गंभीरता से ध्यान देकर स्थायी समाधान सुनिश्चित करना चाहिए. बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सरकार से वन पट्टा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा वन ग्रामों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की.
यह भी पढ़ें: रांची: जमीन का फर्जी मालिक बनकर बिल्डर से 1.75 करोड़ की ठगी, प्राथमिकी दर्ज

आंदोलन तेज करने की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे. बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने सरकार से वन पट्टा वितरण की प्रक्रिया में तेजी लाने तथा वन ग्रामों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की. ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे व्यापक जनआंदोलन शुरू करने को बाध्य होंगे. बैठक में नुआमुंडी, टोंटों, जगन्नाथपुर तीनो अंचलों के 190गांवों के हजारों ग्रामीण उपस्थित थे.
