रांची: सहजानंद परिसर में उमड़ा जनसेवा का कारवां, नि:शुल्क नेत्र शिविर में 80 लोगों की आंखों की हुई जांच

Ranchi: धुर्वा स्थित सहजानंद परिसर में रविवार को स्वास्थ्य जागरूकता और जनसेवा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला. मां वैष्णवी आई हॉस्पिटल,...

Sahajanand campus
नि:शुल्क नेत्र शिविर

Ranchi: धुर्वा स्थित सहजानंद परिसर में रविवार को स्वास्थ्य जागरूकता और जनसेवा का अनूठा उदाहरण देखने को मिला. मां वैष्णवी आई हॉस्पिटल, तिलता-कमड़े तथा लोकप्रिय विधायक राजेश कच्छप और युवा ब्रह्मर्षि समाज धुर्वा ट्रस्ट के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित नि:शुल्क नेत्र जांच शिविर में बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर स्वास्थ्य लाभ प्राप्त किया. शिविर में करीब 80 लोगों की आंखों की जांच की गई. जांच के दौरान कई लोगों में मोतियाबिंद, दृष्टिदोष, निकट की वस्तुओं को देखने में परेशानी, चश्मे की आवश्यकता तथा अन्य नेत्र संबंधी समस्याएं पाई गईं. चिकित्सकों ने प्रभावित लोगों को आवश्यक परामर्श और उपचार संबंधी सुझाव दिए.

लोगों को आंखों की बीमारियों के प्रति जागरूक करना मुख्य उद्देश्य

युवा ब्रह्मर्षि समाज धुर्वा के अध्यक्ष पंकज कुमार ने कहा कि शिविर का मुख्य उद्देश्य लोगों को आंखों की बीमारियों के प्रति जागरूक करना और उन्हें समय रहते विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श उपलब्ध कराना है. उन्होंने कहा कि नियमित जांच से कई गंभीर नेत्र रोगों को शुरुआती अवस्था में ही रोका जा सकता है. शिविर में मौजूद नेत्र विशेषज्ञ डॉ. शुभम ने कहा कि आंखें केवल देखने का माध्यम नहीं, बल्कि भावनाओं की अभिव्यक्ति का भी महत्वपूर्ण जरिया है. इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को समय-समय पर अपनी आंखों की जांच अवश्य करानी चाहिए, ताकि किसी भी समस्या का समय रहते उपचार संभव हो सके.

जरूरतमंद लोगों की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य- रिटायर्ड शिक्षक

इस दौरान स्वास्थ्य सेवा कर्मी व्रजेश शर्मा ने लोगों का ब्लड शुगर और ब्लड प्रेशर का परीक्षण भी किया. शिविर में स्वास्थ्य संबंधी परामर्श के साथ-साथ लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया. कार्यक्रम में उपस्थित रिटायर्ड शिक्षक राजाराम शर्मा ने कहा, “मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है. जरूरतमंद लोगों की सहायता करना सबसे बड़ा पुण्य कार्य है और यही सच्ची इंसानियत एवं मानवता की पहचान है.” शिविर को सफल बनाने में राम बोल कुंवर, हरिशंकर तिवारी, वीरेंद्र तिवारी, सीमा शर्मा, रामबालक शर्मा, उमाकांत सिंह, कमलेश शर्मा, मसूदन मिश्रा, मुरारी मनोहर, शैलेंद्र कुमार दीपू, साहिल सोनू, सुबोध कुमार सिंह, मुरारी कुमार, प्रशांत कुमार शर्मा, मधुसूदन शर्मा सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही.

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