Chaibasa:बाल कल्याण संघ द्वारा संचालित बालगृह बालकुंज में बच्चों के संरक्षण, देखभाल एवं उनके सर्वांगीण विकास को लेकर अंतर्राष्ट्रीय मिसिंग चिल्ड्रेन डे के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम में बच्चों को पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराने एवं उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर विशेष चर्चा हुई.

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बाल संरक्षण कार्यकर्ता
विकास दोदराजका ने कहा कि बच्चों को सुरक्षा, स्नेह एवं उचित मार्गदर्शन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है, बच्चों को परिवार एवं समाज से जोड़कर ही उनके उज्ज्वल एवं आत्मनिर्भर भविष्य का निर्माण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि सभी बच्चों में असीम संभावनाएं छुपी होती है जिन्हें उचित अवसर एवं मार्गदर्शन देकर निखारने की आवश्यकता है. साथ ही उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम समाज एवं परिवारों को बाल संरक्षण के प्रति जागरूक करने का महत्वपूर्ण माध्यम है.
सकारात्मक पहल
जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनीता तिवारी ने कहा कि बच्चों को संस्थागत देखभाल के साथ-साथ पारिवारिक माहौल प्रदान करना अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने कहा कि हमारा जिला पूरे राज्य में सर्वाधिक बच्चों को फोस्टर केयर से जोड़ने वाला पहला जिला बनकर उभरा है, जो बाल संरक्षण के क्षेत्र में एक सकारात्मक पहल है. उन्होंने कहा कि बच्चों के भावनात्मक, मानसिक एवं सामाजिक विकास में पारिवारिक वातावरण की महत्वपूर्ण भूमिका होती है.
बेहतर जीवन प्रदान करना
कार्यक्रम में संजय कुमार मिश्रा ने कहा कि संस्था का उद्देश्य बच्चों को केवल आश्रय उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि उन्हें पारिवारिक वातावरण, शिक्षा, संस्कार एवं आत्मविश्वास प्रदान कर बेहतर जीवन के लिए तैयार करना है. उन्होंने कहा कि प्रत्येक बच्चे को प्रेम, सम्मान एवं अपनापन मिलना चाहिए, ताकि वे समाज में सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ सकें. उन्होंने कहा कि संस्था का लक्ष्य बालगृह को राज्य में एक रोल मॉडल के रूप में स्थापित करना है, जहां से निकलने वाले बच्चे अपनी प्रतिभा एवं क्षमता के अनुसार जीवन में आगे बढ़ सकें.
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