Pakur: बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय जनसमस्याओं के विरोध में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआईएम] के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को कोर्ट परिसर के समीप एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. इस दौरान नुक्कड़ सभा का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भाग लिया. धरना को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि आम जनता बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और बुनियादी सुविधाओं की समस्याओं से जूझ रही है. इन मुद्दों को लेकर सरकार का ध्यान आकृष्ट करने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया है.

केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ जताया विरोध
प्रदेश महिला कमेटी की अध्यक्ष शिवानी पाल ने कहा कि बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय समस्याओं के विरोध में धरना-प्रदर्शन और नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार की नीतियों का असर आम लोगों पर पड़ रहा है, जिससे जनता परेशान है.
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शिक्षा और बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाया
छात्र संगठन के सचिव श्रीचरण कुनाई ने कहा कि सरकारी विद्यालयों में पर्याप्त शिक्षकों की कमी है, जिसके कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है. उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के साथ-साथ स्वास्थ्य, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं के समाधान की मांग की.
स्थानीय मुद्दों को प्रमुखता से उठाया
जिला सचिव गोपीन सोरेन ने धरना के दौरान स्थानीय जनसमस्याओं को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आम लोगों को राहत देने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की. धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद करते हुए समस्याओं के समाधान की मांग की.
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