Ranchi: राज्यसभा चुनाव की रणभेरी बजते ही देश के सियासी गलियारों में भारी उलटफेर के संकेत मिलने लगे हैं. कांग्रेस के प्रणव झा, झामुमो के बैद्यानाथ राम, निर्दलीय के रूप में चौंकाने वाले परिमल नाथवाणी, प्रखर वक्ता गौरव वल्लभ और तेलंगाना से वाईएसआर कांग्रेस के मजबूत स्तंभ वी. विजया साई रेड्डी द्वारा नामांकन पर्चा खरीदे जाने से चुनावी मुकाबला बेहद दिलचस्प हो गया है. इन दिग्गजों की एंट्री ने न केवल गठबंधन सहयोगियों के बीच सीट-बंटवारे के गणित को उलझा दिया है, बल्कि क्रॉस-वोटिंग और पर्दे के पीछे जारी ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’ की सुगबुगाहट को भी हवा दे दी है.

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इस हलचल के सियासी मायने
जेएमएम के बैद्यानाथ राम और कांग्रेस के प्रणव झा दोनों की सक्रियता ने झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन के भीतर आंतरिक खींचतान को उजागर कर दिया है. परिमल नाथवाणी की निर्दलीय दावेदारी हमेशा बड़े कॉरपोरेट और राजनीतिक समीकरणों के मेल का संकेत होती है. वहीं गौरव वल्लभ की मौजूदगी है. तेलंगाना से विजया साईं रेड्डी का पर्चा खरीदना यह साफ करता है कि वाईएसआरसीपी उच्च सदन में अपनी संख्या बल और प्रभाव को बनाए रखने के लिए पूरी तरह आक्रामक है. सभी दलों ने अपने विधायकों की घेराबंदी शुरू कर दी है, क्योंकि पर्चा खरीदने का यह कदम महज औपचारिकता नहीं, बल्कि एक बड़े सियासी शह-मात के खेल की शुरुआत है.
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