Palamu: मेदिनीनगर से एक महत्वपूर्ण सामाजिक और नीतिगत मांग सामने आई है. ओबीसी कर्मचारी-पदाधिकारी महासंघ, झारखंड ने आगामी जनगणना में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग करते हुए जनगणना आयुक्त एवं महापंजीयक, भारत सरकार, नई दिल्ली को ज्ञापन भेजा है. महासंघ का कहना है कि देश की एक बड़ी आबादी की वास्तविक सामाजिक और आर्थिक स्थिति का सही आकलन तभी संभव है, जब जनगणना में ओबीसी वर्ग की अलग से गणना की व्यवस्था हो.

नीति निर्माण के लिए जरूरी हैं सटीक आंकड़े
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष बीरेन्द्र कुमार ठाकुर और प्रदेश महासचिव श्याम देव महतो ने संयुक्त बयान में कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक देश में सामाजिक और आर्थिक नीतियों के निर्माण के लिए जनगणना के आंकड़े सबसे महत्वपूर्ण आधार होते हैं. उन्होंने कहा कि वर्तमान जनगणना प्रारूप में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) की जानकारी दर्ज करने की व्यवस्था है, लेकिन ओबीसी वर्ग के लिए कोई अलग कॉलम या कोड निर्धारित नहीं है. इसके कारण ओबीसी वर्ग की वास्तविक जनसंख्या का सही आकलन नहीं हो पाता.
1931 के बाद नहीं जुटाए गए जातिगत आंकड़े
ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 1931 के बाद से ओबीसी वर्ग के जातिगत आंकड़े व्यवस्थित रूप से एकत्र नहीं किए गए हैं. जबकि देश की आबादी में इस वर्ग की हिस्सेदारी काफी बड़ी मानी जाती है. महासंघ का कहना है कि सटीक आंकड़ों के अभाव में छात्रवृत्ति, आरक्षण, सरकारी रोजगार, स्वास्थ्य सेवाओं और आवास जैसी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और मूल्यांकन में कठिनाइयां आती हैं.
ओबीसी के लिए अलग कोड जोड़ने की मांग
महासंघ ने केंद्र सरकार से मांग की है कि आगामी जनगणना के हाउस लिस्टिंग शेड्यूल और व्यक्तिगत पर्ची के प्रारूप में एससी और एसटी की तर्ज पर ओबीसी के लिए भी एक पृथक कॉलम या विशिष्ट कोड जोड़ा जाए. महासंघ के अनुसार इससे ओबीसी वर्ग की वास्तविक आबादी, साक्षरता दर, लिंगानुपात और आर्थिक स्थिति से संबंधित विश्वसनीय आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे. साथ ही सरकारी संसाधनों और बजटीय प्रावधानों का अधिक न्यायसंगत वितरण सुनिश्चित किया जा सकेगा.
केंद्र सरकार से सकारात्मक पहल की उम्मीद
महासंघ के पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि सामाजिक न्याय और जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर केंद्र सरकार तथा जनगणना विभाग सकारात्मक विचार करेगा और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करेगा. ज्ञापन की प्रतिलिपि उपायुक्त-सह-जिला जनगणना पदाधिकारी, पलामू सहित अन्य संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है.
