Ranchi: झारखंड में सीटों के बंटवारे और आंतरिक असंतोष की सुगबुगाहटों के बीच शनिवार को सियासी हलचल तेज हो गई. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और विशेष पर्यवेक्षक भूपेश बघेल और अजय शर्मा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से उनके आवास पर मुलाकात की.

टिकट वितरण और गठबंधन के भीतर जारी खींचतान की खबरों के बीच हुई इस बैठक को ‘डैमेज कंट्रोल’ और चुनावी रणनीति को धार देने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है. मुख्यमंत्री से मैराथन चर्चा के बाद कांग्रेस आलाकमान के दूतों ने साफ कर दिया कि महागठबंधन के अंदर किसी भी स्तर पर कोई भ्रम या गतिरोध नहीं है.
‘भावनाएं अपनी जगह, पर नेता का फैसला सर्वोपरि’
मुलाकात के बाद मीडिया से मुखातिब भूपेश बघेल ने बेहद सधे हुए अंदाज में पार्टी के भीतर उठ रहे असंतोष के सुरों को शांत करने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और बड़ी पार्टियों में कार्यकर्ताओं व नेताओं की अपनी भावनाएं होती हैं, जो स्वाभाविक हैं. लेकिन अंततः फैसला शीर्ष नेतृत्व को ही लेना होता है और वह निर्णय सबको मान्य है. हमारे बीच अब कोई मिसअंडरस्टैंडिंग (गलतफहमी) नहीं बची है.
मजबूती से लड़ेंगे चुनाव पूर्व गठबंधन
पर्यवेक्षकों ने दोहराया कि JMM और कांग्रेस का गठबंधन चुनाव के बाद का स्वार्थ नहीं, बल्कि एक मजबूत चुनाव पूर्व गठबंधन है. सीएम हेमंत सोरेन के साथ बेहद सौहार्दपूर्ण और खुलकर (फ्री-फ्लोइंग) बातचीत हुई है, जिसने सभी गतिरोधों को खत्म कर दिया है. कांग्रेस नेताओं ने दावा किया कि आगामी दोनों सीटों पर महागठबंधन की जीत तय है. भाजपा के खिलाफ पूरा कुनबा एकजुट होकर मैदान में उतरेगा.
