Hazaribagh: धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और जनसहभागिता का अद्भुत संगम बन चुकी चौपारण की श्री जगन्नाथ रथयात्रा अब राज्यस्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने की ओर अग्रसर है. महज तीन वर्षों में इस आयोजन ने जिस प्रकार श्रद्धालुओं का विश्वास और व्यापक जनसमर्थन अर्जित किया है, उससे इस वर्ष की रथयात्रा को लेकर क्षेत्रभर में विशेष उत्साह देखा जा रहा है. आगामी 16 जुलाई को आयोजित होने वाली चौथी श्री जगन्नाथ रथयात्रा महा महोत्सव को लेकर रविवार को मां तारा होटल में यात्रा प्रबंधन समिति की कोर कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता समिति अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने की.
कई प्रखंडों से पहुंचे समिति सदस्य और गणमान्य लोग
बैठक में चौपारण, इटखोरी, मयूरहंड, बरही, पदमा एवं चंदवारा सहित आसपास के कई प्रखंडों से पहुंचे कोर कमेटी सदस्यों एवं गणमान्य लोगों ने भाग लिया. विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सर्वसम्मति से इस वर्ष रथयात्रा को तीन दिवसीय महामहोत्सव के रूप में आयोजित करने का निर्णय लिया गया.

16 जुलाई को निकलेगी भव्य रथयात्रा
समिति द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 16 जुलाई को सियरकोनी स्थित बैद्यनाथ नगर से भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा एवं भगवान बलभद्र की प्रतिमाओं को वाहन के माध्यम से चौथी मोड़ तक लाया जाएगा. वहां वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भगवानों को भव्य रथ पर विराजमान कर मौसीबाड़ी बिगहा हनुमंत मंदिर परिसर तक ले जाया जाएगा. यहां भगवान दो दिनों तक विश्राम करेंगे. इसके बाद तीसरे दिन पारंपरिक घुमती रथयात्रा निकाली जाएगी, जो पुनः सियरकोनी स्थित मंदिर परिसर पहुंचेगी।समिति के पदाधिकारियों ने अनुमान व्यक्त किया कि इस वर्ष के आयोजन में एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं की सहभागिता हो सकती है. आयोजन की बढ़ती लोकप्रियता को देखते हुए सुरक्षा, यातायात नियंत्रण, पेयजल, चिकित्सा सुविधा, पार्किंग व्यवस्था एवं श्रद्धालुओं की अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष रूप से चर्चा की गई.
रथयात्रा भक्ति, समर्पण और सामाजिक एकता का महापर्व : गजाधर प्रभु
बैठक में उपस्थित भक्तिवेदांत विद्याभवन गुरुकुल के संस्थापक श्रीमान दास गजाधर प्रभु ने रथयात्रा की आध्यात्मिक महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा में सहभागी बनना अत्यंत पुण्यदायी है. उन्होंने कहा कि यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भक्ति, समर्पण, सेवा और सामाजिक एकता का महापर्व है, जो समाज को जोड़ने का कार्य करता है.
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एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
समिति अध्यक्ष हरिश्चंद्र सिंह ने कहा कि चौपारण की रथयात्रा आज क्षेत्र की पहचान बन चुकी है। उन्होंने सभी सदस्यों एवं श्रद्धालुओं से पूर्व वर्षों की भांति तन, मन और धन से सहयोग करने की अपील की. वहीं समिति सचिव राजदेव यादव ने आयोजन की विस्तृत रूपरेखा एवं व्यवस्थाओं की जानकारी दी. रथयात्रा संयोजक अभिषेक सिंह ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में चौपारण की रथयात्रा राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित करेगी. उपाध्यक्ष संजय सिंह ने कहा कि क्षेत्रवासियों के अभूतपूर्व सहयोग और सहभागिता के कारण ही इतना विशाल आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो पाता है.
बैठक में ये लोग रहे मौजूद
बैठक के दौरान सभी अतिथियों को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया गया. कार्यक्रम में पूर्व शिक्षक आदित्य सिंह, रसिक सिंह, मनोज सिंह, बीरेंद्र सिंह, रामचंद्र सिंह, मुखिया प्रतिनिधि बिनोद सिंह, जिला परिषद सदस्य राकेश रंजन, गुरुदेव गुप्ता, विधायक प्रतिनिधि रमेश ठाकुर, सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साहु, रामस्वरूप पासवान, आशीष सिंह, रंजीत चंद्रवंशी, रिशु बर्णवाल, सहदेव यादव, मुखिया सुनीता देवी, गंदौरी दांगी, रणवीर भगत, कृष्णा रविदास, आजाद भुइंया, सतेन्द्र सिंह, बलराम दांगी, राम सिंह, कोषाध्यक्ष मुनेश्वर गुप्ता, उपसचिव सुमन सिंह, विवेक सिंह, कैलाश सिंह, पंकज सिंह, मनोज मिश्रा, भुनैश्वर यादव, दयानंद केशरी, नंदू केशरी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे.
