Lohardaga: नगर परिषद क्षेत्र में बढ़ती ट्रैफिक अव्यवस्था आम लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बनती जा रही है. शहर के बड़ा तालाब से लेकर पावरगंज तक रोजाना लगने वाले भीषण जाम से आम राहगीरों, वाहन चालकों और व्यापारियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. सड़क पर बेतरतीब तरीके से खड़े किए जा रहे चार पहिया वाहनों और नो वेंडर जोन में लगने वाली दुकानों के कारण स्थिति दिन प्रतिदिन गंभीर होती जा रही है. बावजूद इसके, जिम्मेदार विभागों की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है. ठोस पहल नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह से लेकर देर रात तक बड़ा तालाब से पावरगंज मार्ग पर जाम की स्थिति बनी रहती है. सड़क किनारे वाहन पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण चार पहिया वाहन चालक सड़क पर ही अपनी गाड़ियां खड़ी कर देते हैं, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है. कई बार स्थिति ऐसी हो जाती है कि दोपहिया वाहन चालकों को भी निकलने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है.

कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
वहीं, नगर परिषद द्वारा घोषित नो वेंडर जोन में भी खुलेआम दुकानें लगाई जा रही हैं. सुबह होते ही सड़क किनारे अस्थायी दुकानों का जमावड़ा लग जाता है, जो देर रात तक जारी रहता है. इससे न केवल सड़क संकरी हो जाती है, बल्कि यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होती है. स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा समय-समय पर कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है. दुकानदारों पर मामूली जुर्माना लगाकर औपचारिकता पूरी कर ली जाती है, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता. लोगों का यह भी कहना है कि बड़ा तालाब, जो शहर की पहचान और सौंदर्य का प्रमुख केंद्र माना जाता है, वहां लगने वाली अव्यवस्थित दुकानों ने इसकी खूबसूरती को भी प्रभावित कर दिया है. तालाब के आसपास फैला अतिक्रमण और दुकानें इसकी प्राकृतिक सुंदरता को ढंक रही हैं, जिससे शहर की छवि पर भी असर पड़ रहा है.

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अवैध पार्किंग को लेकर हो सख्ती
राहगीरों और स्थानीय लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि सड़क पर अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई की जाए, नो वेंडर जोन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाए तथा ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठोस योजना बनाई जाए. लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो शहरवासियों को रोजाना जाम की समस्या से जूझना पड़ेगा.
