Ranchi : राजधानी में बुधवार को करीब 8 से 10 हजार की संख्या में आंदोलनकारी जमा हुए हैं. आंदोलनकारी अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री आवास का घेराव करने के लिये एकजुट हुए है. विरोध प्रदर्शन की वजह से राजधानी की रफ्तार धीमी पड़ गई है. जहां सड़कों पर गाड़ियां घंटों रेंग रही है. जिससे लोग समय पर अपनी मंजिल पर नहीं पहुंच पा रहे हैं. रातू रोड चौक से कचहरी चौक पूरी तरह से ब्लॉक है. हालांकि इस दौरान विभिन्न चौक चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस की तैनाती की गई है लेकिन अचानक भीड़ बढ़ जाने की वजह से जाम की स्थिति बनी हुई है. इससे सबसे अधिक परेशानी का सामना आम लोगों को करना पड़ रहा है.
नहीं मिला हक और सम्मान
आंदोलनकारियों का कहना है कि राज्य गठन के इतने वर्ष बीत जाने के बाद भी उन्हें उनका वास्तविक हक और सम्मान नहीं मिला है. वे अपनी मांगों में मुख्य रूप से आंदोलनकारियों को समान पेंशन, राजकीय सम्मान, पहचान पत्र जारी करने, जेल जाने की बाध्यता को खत्म करने और उनके आश्रितों को सरकारी नौकरियों व शैक्षणिक संस्थानों में आरक्षण देने की मांग कर रहे है. प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका संघर्ष जारी रहेगा.

रूट डायवर्ट किया गया
इस प्रदर्शन का सबसे बुरा असर आम जनता पर पड़ा. चिलचिलाती धूप और गर्मी के बीच लोग गाड़ियों में फंसे रहने को मजबूर हुए. हाथ में भारी सामान लिए महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे पैदल चलने को विवश दिखे. दफ्तर जाने वाले लोगों को समय पर न पहुंच पाने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा. स्थिति को संभालने के लिए शहर के कई इलाकों में रूट डायवर्जन लागू किया गया. हालांकि, वाहनों का दबाव इतना अधिक था कि डायवर्ट किए गए वैकल्पिक रास्तों पर भी देखते ही देखते भारी जाम लग गया. पुलिस के आला अधिकारी आंदोलनकारियों को समझाने और सड़क से हटाने का प्रयास करते रहे. लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे.
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