रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय (आरपीओ) को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है. इस मामले में दर्ज की गई एफआईआर में कई सनसनीखेज और चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं.पुलिस अब इस ई-मेल की कड़ियों को जोड़ने और आरोपी तक पहुंचने के लिए तकनीकी जांच का सहारा ले रही है.
12 जहरीले गैस बमों से हमले की धमकी:
मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि धमकी देने वाले ने सामान्य बम नहीं, बल्कि 12 जहरीले गैस बमों के इस्तेमाल की बात कही है. ई-मेल में दावा किया गया था कि शहर के पासपोर्ट कार्यालयों को इन गैस बमों से निशाना बनाया जाएगा. इस सूचना के बाद शुक्रवार को बम निरोधक दस्ता और स्थानीय पुलिस ने पूरे परिसर की सघन तलाशी ली थी, हालांकि जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई.
बस्तर माओवादी विंग का नाम और ई-मेल आईडी:
दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, धमकी भरा संदेश rpo. ranchi@mea.gov.in पर aarna ashwinshekhar @outlook.com नामक आईडी से भेजा गया था. भेजने वाले ने खुद को आरना अश्विन शेखर बताया है और खुद को सीपीआई 9 माओवादी नक्सलबाड़ी एफ़िलिएट बस्तर विंग से जुड़ा हुआ होने का दावा किया है.
धमकी के पीछे उदयनिधि का जिक्र:
एफआईआर में एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है. ई-मेल में धमकी का कारण किसी राजनैतिक या व्यक्तिगत रंजिश के बजाय एक विवादित आरोप को बताया गया है. संदेश में लिखा गया है कि, उदयनिधि ने रेप और मोलेस्टेशन किया है और चेन्नई पुलिस उसकी प्राथमिकी दर्ज नहीं कर रही है. पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या यह किसी को फंसाने की साजिश है या फिर किसी विक्षिप्त दिमाग की शरारत. सुखदेवनगर थाना में पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक प्रकाश सिंह के आवेदन पर कांड संख्या 75/26 दर्ज किया गया है. पुलिस ने इस मामले को भारतीय न्याय संहिता की अत्यंत गंभीर धाराओं के तहत दर्ज किया है.
