Ranchi: झारखंड विधानसभा में मंगलवार को उस समय जबरदस्त राजनीतिक घमासान देखने को मिला, जब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद को विधानसभा परिसर में प्रवेश नहीं दिए जाने का मामला सदन में गूंज उठा. मुद्दे को लेकर कांग्रेस के मंत्री राधाकृष्ण किशोर, दीपिका पांडेय सिंह और इरफान अंसारी खुलकर मैदान में उतर गए और विधानसभा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवालों की बौछार कर दी.

सदन से परिसर तक गरमाया मामला
स्क्रूटनी के दौरान सदन का माहौल अचानक गर्म हो गया. कांग्रेस मंत्रियों ने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताते हुए कड़ा विरोध जताया. विरोध इतना तीखा था कि सदन के भीतर से लेकर विधानसभा परिसर तक राजनीतिक तापमान चढ़ गया. कांग्रेस नेताओं ने सुरक्षा कर्मियों से सीधे सवाल-जवाब किए और इस कार्रवाई को “संविधान की भावना के खिलाफ” करार दिया. कांग्रेस नेताओं का कहना था कि देश के पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ नेता को विधानसभा में प्रवेश से रोकना न केवल अपमानजनक है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़ा करता है. उन्होंने आरोप लगाया कि यह घटना राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होती है और इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंची है.
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भाजपा ने आरोपों को किया खारिज
वहीं भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. भाजपा विधायकों ने कहा कि विधानसभा की सुरक्षा और प्रवेश से जुड़े नियम सभी पर समान रूप से लागू होते हैं तथा किसी को भी नियमों से ऊपर नहीं रखा जा सकता. भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर राजनीतिक ड्रामा करने और बेवजह मुद्दे को तूल देने का आरोप लगाया.
