Gumla: जिले के अंतिम छोर पर बसे सुदूरवर्ती गांवों तक विकास योजनाओं की पहुंच सुनिश्चित करने तथा ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर समाधान करने के उद्देश्य से उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो द्वारा बुधवार को रायडीह प्रखंड के अत्यंत सुदूरवर्ती कोब्जा पंचायत के विभिन्न गांवों का स्थलीय निरीक्षण किया गया तथा जनसंवाद कार्यक्रम में भाग लिया गया. इस दौरान अपर समाहर्ता राजीव नीरज, अनुमंडल पदाधिकारी अखिलेश कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, अंचल अधिकारी, जेएसएलपीएस के प्रतिनिधि सहित अन्य जिला एवं प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे.
सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंचे DC
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त जिला मुख्यालय से काफी दूर स्थित कोब्जा पंचायत के बुचीदांड़, नवाटोली, गलगोटेरी, नकटी झरिया एवं आसपास के अन्य टोलों में पहुंचे. लगभग पांच हजार की आबादी वाले इस क्षेत्र में ग्रामीणों के बीच बैठकर उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं तथा संबंधित अधिकारियों को तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करने के निर्देश दिए.

जनसंवाद के दौरान मुख्य रूप से पेयजल संकट, सड़क एवं आवागमन, बिजली, मोबाइल नेटवर्क, शिक्षकों की कमी, आंगनबाड़ी केंद्र, खेल मैदान, आवास एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़ी समस्याएं सामने आईं.
ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि सुदूरवर्ती क्षेत्र होने के कारण चुनौतियां अधिक हैं, लेकिन जिला प्रशासन सभी समस्याओं के समाधान के लिए गंभीर एवं प्रतिबद्ध है. उन्होंने कहा कि प्राथमिकता के आधार पर एक-एक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया.
10 से 15 दिनों में दूर होगी पेयजल समस्या
ग्रामीणों ने बताया कि कई गांवों में आज भी लोग डांड़ी एवं चुआं जैसे पारंपरिक जलस्रोतों का पानी पीने को विवश हैं. गलगोटेरी गांव में स्थिति और गंभीर है, जहां ग्रामीण नदी का पानी पीकर जीवनयापन कर रहे हैं. क्षेत्र में स्थापित जल मीनार भी लंबे समय से खराब पड़ी हुई है तथा नए चापाकलों की आवश्यकता है.
पेयजल संकट पर सख्त रुख अपनाते हुए उपायुक्त ने संबंधित विभाग को पूरे क्षेत्र का तत्काल सर्वेक्षण करने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि खराब पड़ी जल मीनारों, मोटरों एवं अन्य पेयजल संरचनाओं को 15वें वित्त आयोग की राशि से तत्काल दुरुस्त किया जाए. जिन क्षेत्रों में लोग चुआं, डांड़ी अथवा नदी के पानी पर निर्भर हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर डीप बोरिंग कराई जाएगी. उपायुक्त ने कहा कि मुख्यालय लौटते ही आवश्यक प्राक्कलन तैयार कर स्वीकृति प्रदान की जाएगी तथा 10 से 15 दिनों के भीतर पेयजल व्यवस्था में सुधार सुनिश्चित किया जाएगा.
Also Read: गिरिडीह में शादी समारोह के दौरान बड़ा हादसा, छज्जा गिरने से दो दर्जन लोग घायल, 6 की हालत गंभीर
बरसात से पहले सड़क को बनाया जाएगा चलने योग्य
ग्रामीणों ने कोब्जा बरटोली से ढोका पंचायत सचिवालय तक की जर्जर सड़क एवं अन्य संपर्क मार्गों की समस्या से अवगत कराया. उन्होंने बताया कि बरसात के दिनों में गांवों का संपर्क पूरी तरह टूट जाता है तथा मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है.
इस पर उपायुक्त ने कहा कि स्थायी सड़क निर्माण हेतु विभागीय प्रक्रिया जारी रहेगी. वहीं तत्काल राहत के लिए मनरेगा के माध्यम से सड़क को आवागमन योग्य बनाया जाएगा, ताकि वर्षा ऋतु में लोगों को परेशानी न हो. ग्रामीणों ने यह भी बताया कि यदि सड़क सुविधा बेहतर हो जाए तो क्षेत्र के लोग मुर्गी पालन एवं सूअर पालन जैसे आजीविका आधारित कार्यों को बड़े पैमाने पर अपनाकर आत्मनिर्भर बन सकते हैं. इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए.
बिजली एवं नेटवर्क समस्या के समाधान के निर्देश
जनसंवाद के दौरान नवाटोली में खराब पड़े ट्रांसफार्मर की समस्या भी सामने आई. ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क की भारी समस्या है तथा स्थापित बीएसएनएल टावर भी प्रभावी ढंग से कार्य नहीं कर रहा है. इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई कर बिजली एवं नेटवर्क व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए.
‘रेशनलाइजेशन’ से दूर होगी शिक्षकों की कमी
स्थानीय विद्यालयों में शिक्षकों की कमी की शिकायत पर उपायुक्त ने कहा कि जिला शिक्षा पदाधिकारी एवं जिला शिक्षा अधीक्षक को आवश्यक निर्देश दिए जा चुके हैं. नई नियुक्ति होने तक जिले में उपलब्ध शिक्षकों का युक्तिकरण कर अतिरिक्त शिक्षकों को आवश्यकता वाले विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किया जाएगा, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो.
आंगनबाड़ी, विद्यालय एवं खेल मैदान की मांग पर सकारात्मक पहल
ग्रामीणों ने विशेष रूप से गलगोटेरी क्षेत्र में नए आंगनबाड़ी केंद्र, प्राथमिक विद्यालय एवं बच्चों के लिए खेल मैदान की मांग रखी. इस पर उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए. ग्रामीणों द्वारा आंगनबाड़ी भवन निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराने की सहमति भी प्रदान की गई, जिस पर शीघ्र कार्रवाई करने को कहा गया.
महिला समूहों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर
दौरे के दौरान उपायुक्त ने जेएसएलपीएस से जुड़े महिला समूहों की गतिविधियों की भी समीक्षा की. क्षेत्र में सक्रिय महिला मंडलों की आय बढ़ाने, उन्हें स्वरोजगार एवं आजीविका गतिविधियों से जोड़ने तथा आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए.
पेंशन, आवास एवं जनकल्याणकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिन पात्र ग्रामीणों का अब तक पेंशन स्वीकृत नहीं हुआ है, उन्हें चिन्हित कर शीघ्र ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया पूरी की जाए. साथ ही पात्र लाभुकों को आवास, चापाकल एवं अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने के लिए भी अधिकारियों को निर्देशित किया गया.
मुखिया और प्रमुख को उपायुक्त की दोटूक
गांव के अंदरूनी रास्तों में जलजमाव एवं कीचड़ की समस्या को लेकर उपायुक्त ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जवाबदेही निभाने की सलाह दी. उन्होंने कहा कि पंचायतों के पास 15वें वित्त आयोग की राशि उपलब्ध है, जिसका उपयोग स्थानीय समस्याओं के समाधान में किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की राशि को लंबित रखने के बजाय जनता के हित में समय पर खर्च किया जाए.
लंबित कार्यों की समीक्षा
ग्रामीणों द्वारा वर्ष 2024 में स्वीकृत एक लंबित सामुदायिक परिसंपत्ति निर्माण कार्य का मामला भी उठाया गया, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.
इस अवसर पर उपायुक्त ने कोब्जा पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभुकों के बीच परिसंपत्तियों का वितरण भी किया तथा योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की.
उपायुक्त ने कहा कि जिला प्रशासन सुदूरवर्ती क्षेत्रों के विकास, बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तथा ग्रामीणों के जीवन स्तर में सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा सभी विभागों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं.
