Ranchi: बीजेपी समर्थित राज्यसभा के निर्दलीय उम्मदीवार परिमल नाथवानी का नामांकन स्वीकार होने के बाद कांग्रेस में काफी गुस्सा देखा जा रहा है. देर शाम प्रदेश प्रभारी के राजू और प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश दिल्ली रवाना हो गए. बताया जा रहा है कि दोनों पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात करेंगे और यहां हुई पूरी राजनीतिक घटनाक्रम की जानकारी देंगे. वो वहां बताएंगे कि कांग्रेस कैसे राज्यसभा चुनाव में अचानक से बैकफुट पर चली गयी. क्यों कांग्रेस के मंत्रियों में इतना गुस्सा देखा जा रहा है. साथ ही राज्यसभा चुनाव के आगे की रणनीति पर श्री खड़गे से वो मार्गदर्शन भी लेंगे.
क्या जेएमएम से नाराज है कांग्रेस
बुधवार को दस बजे सुबह से ही कांग्रेस के कार्यकर्ता विधानसभा परिसर में हाजिर थे. धरना और प्रदर्शन का दौर चल रहा था. जबकि बीजेपी के कार्यकर्ताओं को परिसर से बाहर ही रोक दिया गया था. इससे साफ दिख रहा था कि सत्ता में कांग्रेस के रहने का फायदा मिल रहा है. लेकिन शाम होते-होते मामला उल्टा पड़ता दिखाई देने लगा. जहां बीजेपी के कार्यकर्ताओं को विधानसभा में घुसने तक नहीं दिया जा रहा था, अब उसी बीजेपी के विधायकों को उस कमरे में भी जाने दिया गया, जहां नामांकन को लेकर सुनवाई चल रही थी. लेकिन कांग्रेस के मंत्रियों और उनके सुपर स्टार वकील सलमान खुर्शीद को कमरे में जाने से रोका गया. विधानसभा में मौजूद कांग्रेस के चारों मंत्री आग-बबूला दिख रहे थे. वायरल वीडियो में साफ देखा जा रहा है कि ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह कह रही है कि इतने जरूरी दिन भी विधानसभा का मालिक यहां मौजूद नहीं है. ईशारा विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो पर था. आरोप लगाया गया कि परिमल नाथवानी ने विधानसभा के चपरासियों और सुरक्षा कर्मियों के बीच पांच-पांच सौ रुपए बांटे हैं. जब कि आम धारना है कि विधानसभा पर सत्ता पक्ष का ही दबदबा होता है. ऐसे में कांग्रेस के नहीं कहे जाने पर भी समझा जा सकता है कि कांग्रेस अपने गठबंधन के साथी जेएमएम से खुश नहीं है.

खड़गे से कांग्रेस करेगी जेएमएम की शिकायत!
कांग्रेस प्रभारी और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर कांग्रेस के विधायक और मंत्रियों का काफी दबाव है. पुख्ता सूत्रों का कहना है कि सभी ने मिलकर दोनों पदाधिकारियों पर दबाव बनाया है कि वो पार्टी के अध्यक्ष श्री खड़गे से जेएमएम के बारे में कहें कि कैसे जेएमएम ने बुधवार को हुए धरना-प्रदर्शन में कांग्रेस का साथ नहीं दिया. कैसे विधानसभा के कर्मियों का साथ कांग्रेस को नहीं मिला. अब देखने वाली बात होगी कि पार्टी प्रभारी और पार्टी के अध्यक्ष की शिकायत का पार्टी के अध्यक्ष पर क्या प्रभाव पड़ता है. क्या कोई स्ट्रॉन्ग मैसेज जेएमएम को दिया जाएगा. या इस बार भी बात यूं ही आयी-गयी हो जाएगी.
