उपायुक्त की अध्यक्षता में जिला परामर्शदात्री समिति एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति की त्रैमासिक बैठक संपन्न

Gumla: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में जिला परामर्शदात्री समिति (DCC), जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की त्रैमासिक...

Gumla: उपायुक्त दिलेश्वर महत्तो की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित सभागार में जिला परामर्शदात्री समिति (DCC), जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक तथा ऋण जमा अनुपात (CD Ratio) निगरानी उप समिति की बैठक आयोजित की गई. बैठक में मार्च 2026 तिमाही तक बैंकिंग एवं वित्तीय समावेशन से संबंधित विभिन्न बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की गई.

बैठक के दौरान उपायुक्त ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को प्राथमिकता देते हुए जिले के अधिक से अधिक पात्र किसानों को इसका लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि केसीसी के प्रति नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा सभी संबंधित विभाग और बैंक समन्वय स्थापित कर एक ठोस कार्ययोजना तैयार करें, ताकि अधिकाधिक लोगों को इससे आच्छादित किया जा सके.

उपायुक्त ने निर्देश दिया कि केसीसी से संबंधित प्राप्त सभी आवेदनों का ऑनलाइन संधारण एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि अद्यतन आंकड़े उपलब्ध रहें और लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन हो सके. उन्होंने पशुपालन एवं मत्स्य पालन से जुड़े केसीसी आवेदनों के शीघ्र निष्पादन पर भी बल दिया.

केसीसी, सीडी रेशियो और ऋण वितरण बढ़ाने पर जोर

बैठक में वार्षिक साख योजना (Annual Credit Plan) के तहत कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों की समीक्षा की गई. उपायुक्त ने निजी बैंकों को भी कृषि क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाने, स्वयं पहल करते हुए ऋण वितरण बढ़ाने तथा निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति में सहयोग करने के निर्देश दिए. उन्होंने एमएसएमई क्षेत्र एवं प्राथमिक क्षेत्र के अंतर्गत ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन करने वाले बैंकों को स्वयं समीक्षा कर सुधारात्मक कार्रवाई करने तथा लंबित मामलों का समय पर निष्पादन सुनिश्चित करने को कहा.

बैठक में बैंकवार ऋण जमा अनुपात (CD Ratio) की समीक्षा के दौरान बताया गया कि मार्च 2026 तिमाही तक जिले का सीडी रेशियो 32.97 प्रतिशत रहा, जो पिछली तिमाही की तुलना में 0.01 प्रतिशत अधिक है. उपायुक्त ने जिन क्षेत्रों में सीडी रेशियो कम है, वहां कारणों की पहचान करते हुए विशेष समिति गठित करने तथा सीडी रेशियो बढ़ाने के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि जिले को निर्धारित 40 प्रतिशत के मानक लक्ष्य तक पहुंचाने के लिए सभी बैंक समन्वित प्रयास करें. बैठक में सरकार प्रायोजित योजनाओं प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (PMFME), स्टैंड अप इंडिया तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना (PM SVANidhi) के अंतर्गत लंबित आवेदनों एवं ऋण स्वीकृति की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने सभी शाखा प्रबंधकों को लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया.

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वित्तीय समावेशन और स्वरोजगार योजनाओं की भी हुई समीक्षा

स्वयं सहायता समूहों के बैंक लिंकेज, बैंकवार एनपीए की स्थिति, वसूली की प्रगति, एकमुश्त समाधान (OTS) एवं लोक अदालत के माध्यम से वसूली की संभावनाओं पर भी चर्चा की गई. उपायुक्त ने बैंकों को एनपीए में कमी लाने हेतु प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए. बैठक में नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम अंतर्गत लक्षित वित्तीय समावेशन कार्यक्रम (TFIIP) की उपलब्धियों की समीक्षा करते हुए प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना एवं अटल पेंशन योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक लोगों को वित्तीय सुरक्षा से जोड़ने पर बल दिया गया.

इसके अतिरिक्त, आरसेटी (RSETI) के कार्यकलापों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने कहा कि प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने हेतु बैंकों द्वारा शीघ्र क्रेडिट लिंकेज सुनिश्चित किया जाए. उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि आरसेटी एवं केसीसी को विशेष फोकस में रखते हुए योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जाए. बैठक में जिला परिषद अध्यक्ष किरण माला बाड़ा, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM) गुमला, भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि, संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.

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