Dhanbad: जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जांचने निकले उपायुक्त आदित्य रंजन ने लापरवाही और खराब कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार किया है. समीक्षा बैठक और औचक निरीक्षण की रिपोर्ट सामने आने के बाद धनबाद अंचल के पूरे कार्यालय पर कार्रवाई की गाज गिर गई. उपायुक्त ने अंचल कार्यालय के सभी कर्मियों का वेतन रोकने का निर्देश दिया, जबकि अंचल अधिकारी को शो-कॉज जारी करने के आदेश दिए.
धनबाद अंचल की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई
सदर प्रखंड कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में सदर, पुटकी और धनबाद अंचल की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई. वहीं नवाडीह, दामोदरपुर, धोखरा, सियालगुदरी, गोपीनाथडीह, पांडरकनाली और पेटिया पंचायतों में अबुआ आवास, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), मनरेगा, जन वितरण प्रणाली, आंगनबाड़ी केंद्र और आयुष्मान आरोग्य मंदिर समेत कई योजनाओं का औचक निरीक्षण कराया गया. निरीक्षण रिपोर्ट में खामियां मिलने पर उपायुक्त ने धोखरा, अरलगड़िया और दुबराजडीह क्षेत्र से जुड़े कनीय अभियंता, दुबराजडीह के सहायक अभियंता और सियालगुदरी के पंचायत सचिव से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया. लेकिन सबसे बड़ी कार्रवाई धनबाद अंचल पर हुई, जहां कार्यों में गंभीर असंतोष मिलने पर पूरे कार्यालय का वेतन रोक दिया गया. बैठक में सरकारी जमीनों पर बढ़ते अतिक्रमण को लेकर भी उपायुक्त ने नाराजगी जताई. उन्होंने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए और एसएनएमएमसीएच के आसपास तथा जेसी मल्लिक स्थित मल्लिक तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए तत्काल अभियान चलाने को कहा.



