Ravi Bharti
Ranchi : राज्य में विकास की नीतियां तय करने वाले और उन्हें जमीन पर उतारने वाले भारतीय प्रशासनिक सेवा IAS के अधिकारियों की वर्तमान सूची एक दिलचस्प तस्वीर बयां करती है. एक तरफ जहां प्रशासनिक अनुभव से लबरेज वरिष्ठ अधिकारी एक एक कर सेवानिवृत्त रिटायर)हो रहे हैं. वहीं दूसरी तरफ राज्य की कमान युवा आईएएस अफसरों के कंधों पर तेजी से शिफ्ट हो रही है. झारखंड कैडर के लिए वर्ष 2026 विदाई और बदलाव का साल है. वर्तमान रिकॉर्ड के अनुसार, इस कैलेंडर वर्ष (2026) में कुल 7 वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अपनी सेवा पूरी कर सेवानिवृत्त होने जा रहे हैं. इनमें से कुछ अधिकारी सुपरटाइम स्केल और सिलेक्शन ग्रेड के महत्वपूर्ण पदों पर बैठे हैं.
रैंक और ग्रेड के अनुसार अधिकारियों का पूरा गणित
झारखंड में प्रशासनिक पदानुक्रम (Hierarchy) के अनुसार अफसरों को अलग अलग पे-स्केल और रैंक में विभाजित किया गया है. इसका विश्लेषण दर्शाता है कि राज्य में नीति-निर्माताओं (वरिष्ठ) और फील्ड अफसरों (कनिष्ठ) का संतुलन कैसा है.
चीफ सेक्रेटरी और एडिशनल चीफ सेक्रेटरी रैंक
राज्य के सबसे प्रभावी पदों पर इस समय 8 अधिकारी तैनात हैं. इनमें मुख्य सचिव अविनाश कुमार के अलावा अजय कुमार सिंह (विकास आयुक्त), सतेंद्र सिंह (केंद्रीय प्रतिनियुक्ति), नितिन मदन कुलकर्णी (राज्यपाल के प्रधान सचिव), वंदना दादेल (गृह सचिव) और मस्त राम मीना शामिल हैं.
प्रधान सचिव रैंक : इस रैंक में कुल 9 अधिकारी शामिल हैं. इनमें सुनील कुमार बर्नवाल, राहुल शर्मा, कमल किशोर सोन शामिल हैं जो केंद्र और राज्य के बड़े विभागों को संभाल रहे हैं. इनमें से विनय कुमार चौबे वर्तमान में सस्पेंड चल रहे हैं.
सचिव स्तर : इस स्तर पर 24 अधिकारी कार्यरत हैं. इसमें पूजा सिंघल (सूचना प्रौद्योगिकी सचिव के रूप में सूचीबद्ध), मनीष रंजन, अबूबकर सिद्दीख पी, प्रवीन कुमार टोप्पो, प्रशांत कुमार, के. रवि कुमार और अरावा राजकमल जैसे प्रभावी नाम शामिल हैं.
विशेष सचिव और उपायुक्त स्तर : यह कैडर की सबसे मजबूत कड़ियों में से एक है. जिसमें 36 अधिकारी शामिल हैं. इस रैंक के अधिकारी या तो राज्य के बड़े जिलों के डीसी हैं या फिर महत्वपूर्ण निदेशालयों के प्रमुख हैं.
अपर सचिव स्तर : इस ग्रेड में कुल 47 अधिकारी शामिल हैं. राज्य के अधिकांश जिलों के जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त इसी विंग से आते हैं. धनबाद के डीसी आदित्य रंजन, गिरिडीह के डीसी रामनिवास यादव, और पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) के डीसी कर्ण सत्यार्थी इसी रैंक का हिस्सा हैं.
संयुक्त सचिव और डीडीसी स्तर : इस विंग में कुल 32 अधिकारी हैं. इस स्तर के अधिकारी मुख्य रूप से जिलों में उप विकास आयुक्त,नगर आयुक्त या अनुमंडल पदाधिकारी के रूप में तैनात होकर जमीनी विकास को गति दे रहे हैं.
शुरुआती स्तर, जूनियर टाइम स्केल लेवल 10 : इसमें कुल 10 अधिकारी शामिल हैं जो वर्तमान में विभिन्न अनुमंडलों में एसडीओ या जिलों में सहायक मजिस्ट्रेट के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं.
प्रशिक्षण और नए प्रमोशन : इस श्रेणी में कुल 23 अधिकारी हैं. इनमें से 8 अधिकारी वर्तमान में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासनिक अकादमी में ट्रेनिंग ले रहे हैं. वहीं, 15 अधिकारी राज्य प्रशासनिक सेवा से प्रमोट होकर सीधे आईएएस बने हैं. जिन्हें वर्तमान में विभिन्न विभागों में संयुक्त सचिव या डीडीसी के पद पर नई तैनाती मिली है.
युवाओं के जोश से लबरेज झारखंड
झारखंड की प्रशासनिक मशीनरी का सबसे खूबसूरत पहलू इसका युवा होना है. यदि हम 40 वर्ष या उससे कम उम्र (यानी जिनका जन्म वर्ष 1986 या उसके बाद का है) के अधिकारियों को ‘युवा आईएएस’ की श्रेणी में रखें, तो राज्य में ऐसे अधिकारियों की संख्या 48 है. ये युवा अधिकारी मुख्य रूप से 2015 से लेकर 2024 बैच के हैं.
तजुर्बे की ढाल : 55 साल से ऊपर के सुपर सीनियर विंग
झारखंड कैडर में 55 वर्ष या उससे अधिक आयु (यानी जिनका जन्म वर्ष 1971 या उससे पहले का है) के कुल 42 अधिकारी हैं. इस तजुर्बेकार विंग में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, गृह सचिव वंदना दादेल और बोर्ड ऑफ रेवेन्यू के सदस्य मस्त राम मीना जैसे शीर्ष नाम शामिल हैं. इसके अलावा हाल ही में प्रमोट हुए राज्य सेवा के अधिकांश अधिकारी (दिलेश्वर महतो, इश्तियाक अहमद, संगीता लाल आदि) भी इसी आयु वर्ग में आते हैं. यह वरिष्ठ विंग राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था को स्थिरता प्रदान करने का काम करता है.
2026 में रिटायर हुए और होने वाले अफसरों की सूची
• मनोहर मरांडी : इसी साल 30 अप्रैल 2026 को सेवानिवृत्त होने वाले सबसे पहले अधिकारी हैं.
• सुनील कुमार नंबर : 30 अप्रैल 2026 को ही रिटायर हो गए.
• अभय नंदन अंबष्ट : 30 जून 2026 को रिटायर होंगे.
• संजय कुमार : 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होंगे.
• सुनील कुमार सिंह : 31 जुलाई 2026 को रिटायर होंगे.
• मनोज कुमार : 31 अगस्त 2026 को सेवामुक्त होंगे.
• गोपालजी तिवारी : 30 नवंबर 2026 को इस साल रिटायर होने वाले अंतिम अधिकारी होंगे.
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