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मुक्तिधाम वाइन शॉप मामले में ‘प्रॉक्सी ऑपरेशन’ का आरोप, दो महीने बाद भी जांच अधर में
Ranchi: रांची के मुक्तिधाम वाइन शॉप से जुड़े 170 पेटी शराब तस्करी मामले में अब झारखंड शराब व्यापारी संघ ने खुलकर मोर्चा खोल दिया है. संघ ने उत्पाद आयुक्त को पत्र लिखकर निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है. व्यापारियों का आरोप है कि इस पूरे मामले में विभागीय स्तर पर मिलीभगत के कारण कार्रवाई को जानबूझकर टाला जा रहा है.
संघ का बड़ा आरोप: ‘लाइसेंसधारी नहीं, कोई और चला रहा दुकान’
संघ ने मामले में नया एंगल जोड़ते हुए दावा किया है कि हरमू रोड स्थित मुक्तिधाम के पास संचालित कंपोजिट शराब दुकान (लाइसेंस संख्या 080) का संचालन वास्तविक लाइसेंसधारी के बजाय किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किया जा रहा है. यदि यह आरोप सही है, तो यह झारखंड उत्पाद नियमावली का गंभीर उल्लंघन है और इसके तहत लाइसेंस निलंबन या निरस्तीकरण तक की कार्रवाई हो सकती है.
170 पेटी शराब बरामदगी से खुला मामला
करीब दो महीने पहले रामगढ़ में 170 पेटी शराब की बड़ी खेप पकड़ी गई थी. जांच में सामने आया कि यह खेप झारखंड स्टेट बेवरेजेज कॉर्पोरेशन लिमिटेड (जेएसबीसीएल) के गोदाम से वैध चालान के साथ निकली थी, लेकिन इसे रांची के बजाय रामगढ़ में खपाया जा रहा था. रामगढ़ उत्पाद विभाग ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर वाहन चालक को गिरफ्तार किया, लेकिन इसके बाद मुख्य आरोपियों और संबंधित दुकान पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई.
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मिलीभगत की आशंका, विभाग की चुप्पी पर सवाल
संघ के महासचिव सुबोध कुमार जायसवाल और अचिन्त्य कुमार शॉ का कहना है- इतनी बड़ी गड़बड़ी के बावजूद लाइसेंसधारी पर कार्रवाई नहीं होना कई सवाल खड़े करता है. नियम स्पष्ट हैं, लेकिन उनका पालन नहीं हो रहा है. व्यापारियों के बीच यह चर्चा तेज है कि बिना विभागीय संरक्षण के इतने बड़े स्तर पर गड़बड़ी संभव नहीं है.



