Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार को राज्यव्यापी नशा मुक्ति अभियान का शुभारंभ करते हुए युवाओं से नशे से दूर रहने और झारखंड के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नशा समाज और विशेष रूप से युवा पीढ़ी के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है. यदि झारखंड को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाना है तो युवाओं को नशे की प्रवृत्ति से दूर रहकर शिक्षा, कौशल और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ना होगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नशा मुक्ति को केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं बल्कि सामाजिक आंदोलन के रूप में आगे बढ़ाना चाहती है. इसके लिए जनजागरूकता, परामर्श, पुनर्वास और सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि युवाओं की ऊर्जा और क्षमता राज्य की सबसे बड़ी ताकत है और उसे नशे की गिरफ्त में जाने से बचाना हम सभी की जिम्मेदारी है.
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मुख्यमंत्री ने विपक्ष को निशाने पर लिया
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि विपक्ष का काम सवाल उठाना और उंगली करना है. कुछ लोग यह कहेंगे कि झारखंड में मदिरा की बिक्री होती है तो नशा मुक्ति अभियान कैसे सफल होगा. लेकिन ऐसे सवाल उठाने वालों को यह समझना चाहिए कि सरकार का उद्देश्य समाज में बढ़ रही नशे की प्रवृत्ति को रोकना और युवाओं को इसके दुष्प्रभावों से बचाना है. हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य सरकार झारखंड के समग्र विकास के लिए लगातार काम कर रही है. शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं. इन योजनाओं का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा जब युवा स्वस्थ, जागरूक और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे.
युवा सपने को करें पूरा, नशे से रहें दूर
मुख्यमंत्री ने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि वे नशे से दूरी बनाकर अपने सपनों को पूरा करने की दिशा में मेहनत करें. उन्होंने कहा कि झारखंड का भविष्य युवाओं के हाथ में है और उनकी भागीदारी के बिना राज्य के विकास की परिकल्पना पूरी नहीं हो सकती. नशा मुक्त समाज के निर्माण में युवाओं की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है और सरकार इस दिशा में हर संभव प्रयास कर रही है.



