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एसीबी का बड़ा धमाका: 5 हजार घूस लेते कंप्यूटर ऑपरेटर और प्रोबेशन ऑफिसर गिरफ्तार

Hazaribagh: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़ जिला प्रोबेशन कार्यालय में तैनात...

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Hazaribagh: भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रामगढ़ जिला प्रोबेशन कार्यालय में तैनात प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी और उनके कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर (गृह रक्षक) सुजीत पासवान को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है. यह पूरी कार्रवाई रामगढ़ के बड़की पोना निवासी आवेदक त्रिदेव कुमार की शिकायत पर की गई है. दोनों आरोपियों पर सरकार द्वारा मिलने वाली 5 लाख रुपये की अनुदान राशि के सत्यापन प्रतिवेदन को आगे बढ़ाने के एवज में रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप है. एसीबी ने जाल बिछाकर ऑपरेटर को पीड़ित से 5,000 रुपये नगद लेते हुए दबोचा, जिसके बाद मुख्य आरोपी प्रोबेशन ऑफिसर को भी गिरफ्तार कर लिया गया.

5 लाख की अनुदान राशि के वेरिफिकेशन के लिए मांगी थी ₹10,000 की घूस

रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना अंतर्गत ग्राम व पोस्ट बड़की पोना निवासी स्वर्गीय बाबू चन्द राम के 27 वर्षीय पुत्र त्रिदेव कुमार ने इस संबंध में हजारीबाग एसीबी के पुलिस अधीक्षक से लिखित शिकायत की थी. परिवादी त्रिदेव कुमार के परिवार को सरकार की ओर से 5,00,000 रुपये की अनुदान राशि मिलनी थी. इस अनुदान राशि में वृद्धि कराने के लिए जब त्रिदेव कुमार ने जिला प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी से मिलकर अनुरोध किया, तो उन्होंने अपने कार्यालय के कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत से मिलने को कहा. जब आवेदक सुजीत से मिला, तो उसने सत्यापन प्रतिवेदन भेजने के नाम पर सीधे 10,000 रुपये रिश्वत की मांग कर दी. चूंकि त्रिदेव कुमार घूस नहीं देना चाहते थे, इसलिए उन्होंने सीधे भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग का रुख किया और कानूनी कार्रवाई के लिए आवेदन दे दिया.

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एसीबी की टेक्निकल टीम के सत्यापन में सही पाया गया आरोप

शिकायत मिलने के बाद भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की तकनीकी टीम द्वारा वैज्ञानिक उपकरणों के जरिए मामले का विधिवत गोपनीय सत्यापन कराया गया. जांच और सत्यापन के क्रम में यह बात पूरी तरह सत्य पाई गई, कि प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी के निर्देश पर ही उनके कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत ने आवेदक त्रिदेव कुमार से उक्त राशि मांगी थी. आरोप की पुष्टि होने के तुरंत बाद हजारीबाग एसीबी थाने में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कांड संख्या-05/2026, दिनांक-15.06.2026 दर्ज कर प्राथमिकी पंजीकृत की गई और आरोपियों को दबोचने के लिए एक विशेष ट्रैप टीम का गठन किया गया.

जाल बिछाकर ऑपरेटर को दबोचा, महिला प्रोबेशन ऑफिसर भी चढ़ी हत्थे

तय रणनीति के तहत, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, हजारीबाग की गठित ट्रैप टीम ने प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी और दो सरकारी गवाहों की उपस्थिति में रामगढ़ जिला प्रोबेशन कार्यालय में दबिश दी. जैसे ही कंप्यूटर ऑपरेटर सुजीत पासवान (मूल निवासी- ग्राम आछोडीह, थाना-मंझिआंव, जिला-गढ़वा, संप्रति गृह रक्षक जिला प्रोबेशन कार्यालय रामगढ़) ने प्रोबेशन ऑफिसर के निर्देश पर आवेदक त्रिदेव कुमार से रिश्वत की पहली किस्त के रूप में 5,000 रुपये नगद लिए, वैसे ही पहले से घात लगाए बैठी एसीबी की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया. इसके तत्काल बाद, घूसखोरी के इस खेल की मुख्य सूत्रधार और प्राथमिक अभियुक्त प्रोबेशन ऑफिसर सिमरन कुमारी (उम्र 31 वर्ष, पति- सुमित कुमार, निवासी- बंशीलाल चौक, थाना- बड़ा बाजार ओ.पी., जिला- हजारीबाग) को भी उनके पदनाम के तहत विधिवत गिरफ्तार कर लिया गया. गिरफ्तारी के पश्चात दोनों अभियुक्तों को हजारीबाग लाया गया है, जहां उनके विरुद्ध आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.

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