Bokaro: बोकारो थर्मल स्थित डिग्री कॉलेज के समीप बुधवार शाम को एएमसी-एआरसी के तहत कार्यरत सफाई मजदूरों की एक बैठक रंजीत कुमार एवं हबीब अंसारी की अध्यक्षता में हुई. बैठक में मुख्य रूप से डीवीसी बोकारो थर्मल पावर प्लांट के साफ-सफाई कार्य में लगे श्रमिकों को अन्य श्रेणी के मजदूरों की तर्ज पर समान भत्ता (अलाउंस) न मिलने के मुद्दे पर चर्चा हुई. बैठक में उपस्थित मजदूरों ने डीवीसी प्रबंधन और सिविल के वरीय प्रबंधक द्वारा उनकी समस्याओं के प्रति अपनाए जा रहे उदासीन रवैए तथा उनके व्यवहार को लेकर गहरा रोष व खेद प्रकट किया. मजदूरों का कहना था कि वे लंबे समय से स्थानीय प्रबंधन को लिखित और मौखिक रूप से अपनी मांग से अवगत कराते आ रहे हैं, लेकिन उन्हें हर बार केवल खोखला आश्वासन ही मिलता है.
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काम से हटाने की धमकी, मजदूरों में नाराजगी
श्रमिकों ने इस बात पर कड़ी आपत्ति जताई कि जब वे अपनी मांगों को लेकर वरीय प्रबंधक (सिविल) सरफराज शेख से वार्ता करने पहुंचे, तो उनसे बात करने के बजाय कथित तौर पर काम से हटाने की धमकी दी गई, जिससे मजदूरों में भारी असंतोष है. इस मामले को लेकर आंदोलनकारियों की ओर से जीएम एचआर को पहले ही एक लिखित आवेदन सौंपकर अपनी चिंताओं से अवगत कराया जा चुका है. इसी पृष्ठभूमि में आयोजित इस बैठक में सर्वसम्मति से रणनीति तैयार की गई, जिसके तहत गुरुवार को मजदूरों का एक प्रतिनिधिमंडल एचओपी सुशील कुमार अरजरिया से मुलाकात कर उन्हें पूरी वस्तुस्थिति से अवगत कराएगा. मजदूरों ने साफ तौर पर कहा है कि यदि एचओपी स्तर से भी उनकी जायज मांगों को लेकर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे हक की लड़ाई के लिए आगे के आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने को बाध्य होंगे.

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