Ranchi: झारखंड राज्यसभा चुनाव में एक बार फिर बड़ा उलटफेर देखने को मिला है. तमाम राजनीतिक जोड़-घटाव और कयासों को धता बताते हुए निर्दलीय उम्मीदवार परिमल नाथवानी ने शानदार जीत दर्ज की है. नाथवाणी की इस जीत के साथ ही एनडीए खेमे में जश्न का माहौल है, जबकि सत्तारूढ़ गठबंधन को करारा झटका लगा है.
‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों से गूंजा परिसर
जैसे ही परिमल नाथवानी की जीत की आधिकारिक घोषणा हुई, विधानसभा परिसर ‘जय जगन्नाथ’ और ‘जय श्रीराम’ के गगनभेदी नारों से गूंज उठा. एनडीए विधायकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर इस जीत का जश्न मनाया. इस कड़े मुकाबले में जेएमएम उम्मीदवार को जहां 30 वोट मिले, वहीं परिमल नाथवानी ने 28 वोटों के साथ बाजी मार ली. संख्या बल के इस खेल में नाथवानी को मिले क्रॉस वोटिंग के समर्थन ने नतीजों को पूरी तरह बदल कर रख दिया.
‘विकास’ और ‘अंतरात्मा’ की हुई जीत: नीरा यादव
इस चौंकाने वाली जीत पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा नेता और पूर्व मंत्री नीरा यादव ने विपक्ष पर बड़ा तंज कसा. उन्होंने कहा कि जनता और उनके प्रतिनिधि अब सिर्फ और सिर्फ विकास में विश्वास करते हैं. यह किसी पार्टी विशेष की नहीं, बल्कि विकास की सोच की जीत है. यही कारण है कि कई विधायकों ने दलगत राजनीति से ऊपर उठकर अपनी ‘अंतरात्मा की आवाज’ सुनी और नाथवानी के पक्ष में मतदान किया.
क्या है इसके सियासी मायने?
इस चुनाव के नतीजों ने साफ कर दिया है, कि झारखंड की सियासत में पर्दे के पीछे की पटकथा कुछ और ही लिखी जा रही थी. जेएमएम सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद अपने गठबंधन के कुनबे को पूरी तरह एकजुट रखने में नाकाम रही. वहीं, नाथवानी की जीत ने यह साबित कर दिया कि झारखंड में विकास के एजेंडे और सही रणनीतिक घेराबंदी के आगे सत्ता का रसूख भी फीका पड़ सकता है.
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