Ranchi: झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) परीक्षा गड़बड़ी मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) की विशेष टीम को बड़ी सफलता हाथ लगी है. सीआईडी ने बुधवार को कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल पांच और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार किए गए लोगों में तीन अभ्यर्थी, परीक्षा का काम देखने वाली एजेंसी मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (टीडीपीएल) का एक कर्मचारी और जेपीएससी के एक पूर्व अध्यक्ष का कंप्यूटर ऑपरेटर शामिल है.
मंगलवार रात पकड़े गए थे तीन मुख्य दलाल:
इससे पहले मंगलवार की देर रात सीआईडी ने गिरोह के तीन मुख्य दलालों (सोर्स एजेंट) को गिरफ्तार किया था. पकड़े गए दलालों की पहचान उमेश कुमार, बुद्धेश्वर भगत और रमेश कुमार के रूप में हुई थी. जांच में सामने आया है कि ये दलाल सीधे अभ्यर्थियों से संपर्क साधते थे. वे उनसे दस्तावेज और मोटी रकम वसूलते थे. इसके बाद अपने नेटवर्क के जरिए इस पैसे और जानकारी को परीक्षा संचालित कराने वाली एजेंसी ‘मेसर्स टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड’ तक पहुंचाते थे.

रिमांड पर पूछताछ में खुला राज:
सीआईडी की जांच में यह बात सामने आई है कि इन दलालों के संबंध टीडीपीएल के निदेशक रामवीर सिंह और मार्केटिंग मैनेजर अभय कुमार तिवारी से काफी गहरे थे. हाल ही में जब सीआईडी ने टीडीपीएल के पदाधिकारियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की, तब इन दलालों के नेटवर्क और उनकी भूमिका का खुलासा हुआ. इसके बाद सीआईडी ने इंटर-स्टेट लिंकेज (अंतर्राज्यीय संपर्क) का सुराग तलाशते हुए इन तीनों को रांची से ही दबोच लिया.

भारी मात्रा में ओएमआर शीट, मार्कशीट और डिजिटल साक्ष्य बरामद:
सीआईडी को आरोपियों के पास से परीक्षा में सेटिंग कराने और परिणाम में हेरफेरी से जुड़े कड़े इलेक्ट्रॉनिक व डिजिटल साक्ष्य मिले हैं. छापेमारी के दौरान आरोपियों के ठिकानों से अभ्यर्थियों के मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र, ओएमआर शीट्स, मार्कशीट और कई अन्य संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए गए हैं.
अब तक 19 आरोपियों की हो चुकी है गिरफ्तारी:
इन पांच नई गिरफ्तारियों और मंगलवार रात पकड़े गए तीन दलालों के साथ ही जेपीएससी मेधा घोटाला मामले में अब तक गिरफ्तार किए जाने वाले आरोपियों की कुल संख्या 19 हो गई है.उल्लेखनीय है कि सीआईडी ने इस धांधली के संबंध में 22 जुलाई को सीआईडी थाना कांड संख्या 16/2026 के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी. मामला दर्ज होने के बाद से ही सीआईडी की तफ्तीश जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, नए-नए साक्ष्य और इस पूरे फर्जीवाड़े से जुड़े कई बड़े चेहरे बेनकाब हो रहे हैं. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में कुछ और रसूखदारों पर शिकंजा कस सकता है.

