खाते की जांच में सामने आया पूरा मामला
महिलाओं के अनुसार बाद में जानकारी मिली कि समूह के नाम पर 6 लाख रुपये का ऋण स्वीकृत और वितरित दिखाया गया है. मामला तब और गंभीर हो गया जब बैंक प्रबंधक और बैंक सहायक समूह से 6 लाख रुपये ऋण राशि जमा करने की बात कहने पहुंचे. इस पर महिलाओं ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उन्हें केवल 2 लाख रुपये ही मिले हैं. इसके बाद समूह की सदस्याएं बैंक पहुंचीं और खाते की जांच करायी, जहां 6 लाख रुपये की निकासी दर्ज मिली. महिलाओं का आरोप है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना 4 लाख रुपये की निकासी दिखाकर वित्तीय अनियमितता की गई है. मामले को लेकर मनोहरपुर थाना में शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है. साथ ही इसकी लिखित सूचना जेएसपीएल कार्यालय, मनोहरपुर को भी दी गई है.


